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ड्रग्स से जुड़े आऱोपों के तहत रिया चक्रवर्ती गिरफ्तार

Rhea-C-1-e1599385655519-696x391रिया चक्रवर्ती को सुशांत सिंह राजपूत मामले में ड्रग्स से जुड़े आऱोपों के तहत मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने तीन दिन की लंबी पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की। रिया सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने और उनके 15 करोड़ रुपये हड़पने के आरोपों का भी सामना कर रही हैं।  रिया पर मादक पदार्थों से जुड़े एनडीपीएस कानून के तहत ड्रग्स खरीदने, रखने और सेवन करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि रिया नशीले पदार्थों का सेवन करने के आरोपों से पहले इनकार कर चुकी हैं। सुशांत की मौत के मामले में एनसीबी ने एनडीपीएस कानून की धारा 8(सी), 20(बी), 27(ए), 28 और 29 के तहत रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया है। इन धाराओं के तहत रिया को दस से 20 साल की सजा हो सकती है।

एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20

इस धारा के तहत नशीले पदार्थ की खेती करने, पैदा करने, रखने, बेचने, खरीदने, लेनदेन करने, अंतरराज्यीय स्तर पर कारोबार करने पर सजा दी जाती है।अगर किसी शख्स के पास छोटी मात्रा में यह नशीला पदार्थ पाया जाए तो छह महीने तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। इसमें सश्रम कारावास की सजा हो सकती है. इसमें दस हजार रुपये जुर्माना हो सकता है। अधिक मात्रा में पाए जाने पर 10 साल सजा एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।

एनडीपीएस कानून की धारा 27, धारा 8 क
कोई भी व्यक्ति किसी संपत्ति के बारे में यह जानते हुए कि वह संपत्ति भारत या किसी अन्य देश में किए गए अपराध में भाग लेने की एवज में प्राप्त की गई है, या संपत्ति के अवैध मूल को छिपाने या किसी अपराध में किसी व्यक्ति की सहायता करने के लिए या कानूनी नतीजों से बचने के लिए किसी भी संपत्ति को परिवर्तित या स्थानांतरित करने वाला दोषी माना जाएगा। इसमें कम से कम तीन से 10 साल सजा हो सकती है।

एनडीपीएस कानून की धारा 28

इसके तहत नशीले पदार्थों अपराध करने के प्रयास पर सजा दी जाती है। ऐसा अपराध करने के संबंध में आरोपी कोई कार्य करता है तो वह व्यक्ति उस अपराध के लिए तय दंड का हकदार होगा।

एनडीपीएस कानून की धारा 29
इस धारा के तहत उकसाने और आपराधिक षड्यंत्र के लिए दोषी को सजा दी जाती है। इसमें आरोपी व्यक्ति मूल अपराध की सजा के बराबर सजा का हकदार होगा।

भायखला जेल का बैरक तैयार, लेकिन हो चुका है सूर्यास्‍त
रिया की गिरफ्तारी के बाद भायखला जेल में उन्‍हें कैद करने की सारी तैयारी पूरी हो गई है। बैरक को सैनिटाइज कर दिया गया। लेकिन अब सूर्यास्‍त हो चुका है। ऐसे में जेल के कानून के मुताबिक, सूर्यास्‍त के बाद किसी कैदी की जेल में एंट्री पर पाबंदी लग जाती है। ऐसे में यदि रिया को न्‍यायिक हिरासत में भेजा जाता है तो उन्‍हें एनसीबी दफ्तर में ही रात बितानी पड़ेगी।

कोर्ट के सामने दी गईं ये दलीलें
एनसीबी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि रिया चक्रवर्ती मामले में आरोपी है। वह यदि जमानत पर र‍िहा होती हैं तो मामले को प्रभावित कर सकती हैं। रिया ने कई अहम बातें बताई हैं जिन पर जांच जरूरी है। दूसरी ओर, सतीश मानश‍िंदे ने जमानत के लिए दलील में कहा कि एनसीबी के अध‍िकारी खुद कह रहे हैं कि मेरे मुवक्‍किल ने जांच में सहयोग किया है। एनसीबी ने रिमांड नहीं मांगी है क्‍योंकि वह पूछताछ पूरी कर चुकी है। रिया ने खुद ड्रग्‍स नहीं ली, सिर्फ किसी के कहने पर ड्रग्‍स मुहैया करवाई, ऐसे में उन्‍हें जमानत दी जाए। जब भी जरूरत होगी, वह दोबारा जांच में सहयोग करेंगी।

एनसीबी ने रिया को बताया ड्रग सिंडिकेट का ऐक्‍ट‍िव मेंबर
बता दें, एनसीबी ने रिमांड कॉपी में रिया को ड्रग सिंडिकेट का ऐक्‍ट‍िव मेंबर बताया है। इसके मुताबिक, रिया ने ड्रग लेने की बात नहीं कबूली है। वह सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्‍स मुहैया करवा रही थीं और पेडलर के संपर्क में थीं। सुशांत के कहने पर पेडलर्स को पैसे रिया ने दिए थे।

रिया के जरिए सुशांत तक पहुंचता था ड्रग
रिमांड कॉपी में कहा गया है कि शौविक के जरिए रिया तक ड्रग्‍स आते थे। ड्रग पेडलर सुशांत के स्‍टाफ सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को ड्रग सौंपते थे जो बाद में रिया के जरिए सुशांत तक पहुंचते थे। रिया के जरिए ड्रग पेडलर को पेमेंट करवाया जाता था जिसके लिए पैसे सुशांत देते थे।
कॉपी में यह भी कहा गया है कि रिया ने जांच में सहयोग किया है। शौविक, सैमुअल, दीपेश के पास से कोई ड्रग्‍स नहीं मिले हैं। शौविक चक्रवर्ती द्वारा अब्‍दुल बासित परिहार और जैद विलात्रा के जरिए ड्रग फैसिलिटेट किया जाता था। सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत इस ड्रग को पेडलर्स से लेते थे। रिया और सुशांत इसके लिए पेमेंट देखते थे।

रिया देखती थीं पैसों का लेन-देन
रिमांड कॉपी में एनसीबी ने लिखा है कि शौविक या रिया ने ड्रग्‍स सीधे तौर पर नहीं खरीदे। दोनों ड्रग्‍स मुहैया करवाने जरूर भागीदार थे। रिमांड कॉपी में एनसीबी ने लिखा है कि ड्रग्‍स के लिए पैसों के लेन-देन में रिया और सुशांत की भागीदारी थी। वह शौविक, सैमुअल और दीपेश को ड्रग्‍स लेने के लिए निर्देश देती थीं। पैसों का लेन-देन देखती थीं।

रिया चक्रवर्ती के वकील बोले- नशे के आदी शख्स से प्यार करतीं थीं रिया, इसलिए अकेली महिला के पीछे पड़ीं 3 एजेंसियां

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के वकील ने मंगलवार को एनसीबी द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद कहा कि तीन एजेंसियां अभिनेत्री के पीछे इसलिए पड़ी हैं, क्योंकि उन्होंने ऐसे शख्स से प्यार किया जो ”नशे का आदी” था और जिसे “मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं” थीं।नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित ड्रग्स केस में तीन दिनों तक पूछताछ के बाद रिया चक्रवर्ती को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा, “यह इंसाफ का पूरी तरह से मजाक बनाना है। 3 केंद्रीय एजेंसियां एक अकेली महिला के पीछे पड़ी हैं, क्योंकि वह एक शख्स से प्यार करती थी जो नशे का आदी था और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं से जूझ रहा था।” मानशिंदे ने दावा किया कि शहर के पांच प्रमुख मनोचिकित्सकों ने राजपूत का इलाज किया।वकील ने कहा, “लेकिन उन्होंने (राजपूत ने) अवैध रूप से बताई गईं दवाइयों और मादक पदार्थ के सेवन की वजह से अपनी जिंदगी खत्म कर ली।” उन्होंने कहा कि चक्रवर्ती बदतर स्थिति के लिए तैयार थीं। सुशांत सिंह राजपूत का शव 14 जून को बांद्रा स्थित उनके फ्लैट में फंदे से लटका मिला था। रिया चक्रवर्ती (28) को ड्रग्स से संबंधित आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें बुधवार को वीडियो लिंक के जरिए मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किए जाने की संभावना है। ड्रग्स मामले के अलावा चक्रवर्ती राजपूत को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप का भी सामना कर रही हैं, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। इसके अलावा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है।

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