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राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आए, उसे सभी स्वीकारें: आरएसएस

Khaki shorts brown trouser in for RSSराम मंदिर मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले को खुले मन से स्वीकर करने की बात कही है. आरएसएस ने कहा, ‘आगामी दिनों में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के वाद पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने की संभावना है. निर्णय जो भी आए उसे सभी को खुले मन से स्वीकार करना चाहिए. निर्णय के पश्चात देश भर में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहे.’

दरअसल, दिल्ली में आरएसएस की बैठक हो रही है. इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और भैयाजी जोशी मौजूद हैं. संगठन के प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक हरिद्वार में प्रचारक वर्ग के साथ दो दिन की बैठक पहले से निश्चित थी. लेकिन इस बैठक को आवश्यक कारणों से स्थगित कर दिया गया. लेकिन बैठक हरिद्वार के स्थान पर अब दिल्ली में हो रही है. उन्होंने कहा कि निर्णय के पश्चात देशभर में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहे, हम इसपर भी चर्चा कर रहे हैं.आगामी दिनों में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के वाद पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने की संभावना है।निर्णय जो भी आए उसे सभी ने खुले मन से स्वीकार करना चाहिए।निर्णय के पश्चात देश भर में वातावरण सौहार्दपूर्ण रहे,यह सबका दायित्व है।इस विषय पर भी बैठक में विचार हो रहा है।बता दें कि अयोध्या के बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है. उम्मीद की जा रही है कि नवंबर में ही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला दे सकता है. आरएसएस से पहले हाल ही में पीएम मोदी ने कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए समाज किस तरह से सतर्क रहा है, इसका उदाहरण सितंबर 2010 में इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले से मिला था.

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