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आर.एस.एस ; सेवा के ‘ देव ‘ दूत

rss 3नई दिल्ली। ( मनोज वर्मा) कोरोना वायरस के इस संक्रमण काल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के स्वयं सेवक यानी कार्यकर्ताओं ने सेवा की नई मिसाल पेश की है। कोरोना वायरस के संक्रमण काल में जब हर किसी के लिए खुद की और परिवारजनों की जान बचाना प्राथमिकता है तब ऐसे समय में भी संघ के यह स्वयं सेवक अपनी जान जोखिम में डाल कर देश भर में दूसरे की मदद के लिए मोर्चा संभाल रहे हैं। स्वयं सेवकों की कोई टोली किसी शहर में लोगों के बीच खाने पीने की सामग्री बांटने में लगी तो किसी शहर में लोगों को खाना खिला रही है। ताकि कोई भूखा न रहे हैं। इतना ही नहीं दिल्ली के आनंद बिहार बस अड्डे पर लाखों लोगों के पलायन की घटना को जिस तरह से संघ के स्वयं सेवक ने संभाला उसने स्थिति को विस्फोटक होने से बचा लिया। वरना गरीब मजदूरों की पलायन की यह भीड़ यदि भगदड़ में बदल गई होती तो न जाने कितने लोगों की जान चली गई होती। संघ के स्वयं सेवकों का यह सेवाभाव देख हर कोई भावविभोर है।

-दिल्ली के बस अड्डे  पर  टली की भगदड़  स्थिति, जा सकती थी लोगों की जान

-संघ की टोलियां संभाल रही हैं प्रबंधन से लेकर खाना वितरण तक का काम

rss2दरअसल देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते सरकार ने 21 दिनों के लॉकडॉउन की घोषणा कर रखह है। पूरा देश इस लॉकडॉउन का पालन कर रहा है मगर ऐसे कोरोना संकट के समय में अचानक दिल्ली और एनसीआर इलाके में रहने वाले लाखों मजदूरों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। कामधाम न मिलने की वजह से लाखों मजदूरों ने दिल्ली और एनसीआर से अपने घरों के लिए पलायन शुरू कर दिया। सरकार द्धारा रेल, बस, टैक्सी और दूसरे सभी यातायात के साधनों पर रोक लगा दी गई। ऐसे में लाखों मजदूर पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल पड़े। कारण इन पलायन करने वाले लोगों के बीच कुछ राष्ट्र विरोधी ताकतों ने यह अफवाह फैला दी यह लॉकडॉउन कम से कम तीन महीने का होगा। आनंद बिहार बस अड्डे से यूपी बिहार के लिए बसें जाने वाली जो भी लोग अपने गांव या शहर जाना चाहते हैं वह  आनंद बिहार बस अड्डे पहुंचे। इेखते ही देखते दिल्ली सरकार के अधीन चलने वाली डीटीसी बसों से लोग आनंद बिहार बस अड्डे पहुंचने लगे। कोई पैदल अपने परिवार के साथ हाईवे पर निकल चला तो कोई आनंद बिहार बस अड्डे पर पंहुच गया। हालात भगदड़ वाले बन गए।  इस भीड़ के डीटीसी बसों से आने जाने को लेकर भी सवाल उठने लगे। आखिर एक तरफ दिल्ली में लॉकडाउन है तो दिल्ली में डीटीसी बसे क्यों चली। 27 मार्च 2020  को राष्ट्रीय राजमार्ग 24 और राष्ट्रीय राजमार्ग 58 के नजदीक बने आनंदविहार बस अड्डे पर अचानक लाखों मजदूर पहुंच गए।

rss oneकोरोना संक्रमण के चलते एक साथ इतनी बड़ी भीड़ के एकत्र होने से स्वास्थ्य का बड़ा खतरा पैदा हो गया। पुलिस और प्रशासन के समझाने पर भी जब मजदूर सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए तो राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्वी दिल्ली प्रचार विभाग के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाला। जिसके बाद संघ के हजारों कार्यकर्ता पूरे सुरक्षा बंदोबस्त को अपनाते हुए मजदूरों के बीच पहुंचे और उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग की बातें बताई। उनके बीच मॉस्क और दस्तानों का वितरण शुरू किया। उन्हें एक दूसरे से एक-एक मीटर दूर बैठाया और धैर्य के साथ उनकी बातों को सुना और प्रशासन के अधिकारियों को उनके लिए वाहनों का इंतजाम करने के लिए कहा। देखते ही देखते राष्ट्रीय स्वयं सेवक के हजारों कार्यकर्ताओं ने मजदूरों के बीच पानी, नाश्ता, खाना, चाय, फल, साबुन, सनेटाइजर और मॉस्क का वितरण करना शुरू किया और उन्हें कोरोना के प्रकोप के बारे में जागरूक किया। कुछ देर पहले जो मजदूर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कोई बात नहीं सुन रहे थे संघ के स्वयं सेवकों के समझाने और जागरूक करने पर वह बिलकुल अनुशासन में आ गए और सभी ने धैर्य के साथ कोरोना के प्रकोप को कम करने वाले सभी उपायों को अपनाया।

RSSउत्तर प्रदेश के एटा,फरुर्खाबाद,इटावा,उन्नाव रायबरेली, सुलतानपुर, आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, प्रयागराज, जौनपुर,गोंडा,बाराबंकी,प्रतापगढ़,बरेली,बदायूं,झांसी,जौलोन सहित यूपी — बिहार के कई जिलों के लाखों मजदूर अपने घर जाने के लिए आनंद विहार बस अड्डे पर पहुंचे थे। जहां उनके लिए किसी वाहन की व्यवस्था नहीं थी। मजदूरों ने स्वयं सेवकों को बताया कि उन्हें बताया गया था कि आनंद विहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के बस चलाई जा रही है। मगर वहां आकर उन्हें पता चला कि यह सच्चाई नहीं है बल्कि अफवाह है।  लाखों मजदूरों आनंद विहार बस अड्डे से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर स्थिति गाजिपुर तक खड़े थे। और दूसरी तरफ आनंद विहार से लेकर कौशांबी और राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर स्थिति मोहन नगर तक मजदूरों का भारी रेला था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर मौजूद हजारों मजदूरों के समक्ष खाने और पीने का संकट था ऐसे में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्वी दिल्ली जिले के सभी स्वयं सेवक सक्रिय हुए और उन्होंने पीने के पानी, भोजन, चाय, साबुन, सनेटाइजर, मॉस्क, दस्ताने, फल, बिस्किट और नाश्ते का प्रबंध चंद घंटे के भीतर किया। मजदूरों की भीड़ को देखकर पुलिस और प्रशासन के लोगों के हाथपैर फूल हुए थे मगर जैसे ही संघ के स्वयं सेवक मजदूरों के बीच सक्रिय हुए और उन्हें सामाजिक दूरी (सोशल डिस्टेंस) के फायदे बताएं तो सभी ने पूरे अनुशासन के साथ उनकी बात को मान कर एक दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बना ली।

 

rss-sets-up-kitchen-service-for-stranded-migrant-workers-at-anand-vihar-bus-terminal-15854799694211_101882देर रात तक उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने आनंद विहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए कई सौ बसों की व्यवस्था की और एक-एक मजदूर के स्वास्थ्य की जांच के बाद उन्हें बसों में बैठा कर उनके जिलों की तरफ रवाना किया। मजदूरों को बसों में बैठाएं जाने के दौरान स्वयं सेवकों ने लॉउडस्पीकर हाथ में लेकर मजदूरों की लाइन लगवाना शुरू किया और अधिकारियों के साथ उनके नाम पतें नोट करने में भी हाथ बटाया।पुलिस और प्रशासन के अधिकारी संघ के स्वयं सेवकों के इस अनुशासित व्यवहार और पूरे सुरक्षा मानकों को अपनाते हुए जनसेवा के दायित्व को देखकर अभिभूत हो उठे। पूर्वी दिल्ली के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि उनके समक्ष मजदूरों को लेकर बड़े समस्या खड़ी हो गई थी मगर संघ के स्वयं सेवकों ने उनके बीच पहुंच कर न केवल स्थिति को विस्फोटक होने से बचाया बल्कि लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया और सभी को धैर्य के साथ सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। दिल्ली में खेडा कालोनी निवासी और बदायुं के रहने वाले संजीव यादव ने कहा कि यदि आरएसएस के लोगों ने आकर स्थिति को नहीं संभाला होता तो कई लोग भगदड में ही मर जाते। अच्छा हुआ यह लोग आ गए वरना कोई किसी को न तो कुछ बताने वाला था और न कोई सुनने वाला। गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना था अगर संघ के कार्यकर्ता सहयोग नहीं करते तो उनके सामने खड़ी यह चुनौती पूरी नहीं हो पाती और क्रमवार तरीके से मजदूरों को बसों में नहीं बैठाया जा सकता था। कोरोना संक्रमण के इस संकट काल में जब मानव जाति पर एक भयानक संकट आया है तब ऐसे समय में आरएसएस के स्वयं सेवक दिल्ली सहित पूरे देश में बिना किसी भेदभाव के आम लोगों की सेवा कर रहे हैं असल में संघ के नर सेवा ही नारायण सेवा का धर्मनिभा रहे हैं।

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manoj vermaलेखक मनोज वर्मा वरिष्ठ पत्रकार हैं।

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