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सरकारी नौकरियों में भर्ती पर कोई प्रतिबंध नहीं ; वित्त मंत्रालय

ministry of financeवित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि सरकारी पदों के लिए की जाने वाली भर्तियों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। मंत्रालय की तरफ से शनिवार को ट्वीट कर कहा गया कि एसएससी, यूपीएससी, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड आदि के जरिए भर्तियां जैसे पहले होती थीं, उसी तरह की जाएंगी।ये ट्वीट मंत्रालय के व्यय विभाग की तरफ से 4 सितंबर को जारी किए गए सर्कुलर पर सफाई देने के मकसद से किया गया है। सर्कुलर के बारे में कहा गया है कि वो पदों के निर्माण के लिए आंतरिक प्रक्रिया से संबंधित है। यह किसी भी तरह से भर्ती को प्रभावित नहीं करता है। कोरोना महामारी के चलते बढ़ते राजकोषीय घाटे के और गहराने की आशंका के बीच सरकार ने शुक्रवार को सभी मंत्रालयों और विभागों से गैर-जरूरी खर्च घटाने को कहा था। ये भी कहा गया था कि परामर्शकों की नियुक्ति की समीक्षा हो। साथ ही आयोजनों में कटौती की जाए और छपाई के लिए आयातित कागज का इस्तेमाल बंद करने की भी सलाह दी गई थी।

व्यय विभाग ने कहा था कि वित्त मंत्रालय ने खर्च के बेहतर प्रबंधन पर ये निर्देश सार्वजनिक व्यय की गुणवत्ता को सुधारने, गैर-विकासात्मक खर्च को नियंत्रित करने और महत्वपूर्ण प्राथमिकता वाली योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन सुनिश्चित करने को ध्यान में रखते हुए दिए हैं।मंत्रालय ने कहा था कि परामर्शकों का शुल्क तय करते समय इस बात की सावधानी बरती जाए कि इससे उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता और मात्रा प्रभावित नहीं हो। नए पदों के सृजन के बारे में कहा गया है कि इन पर प्रतिबंध रहेगा। कुछेक मामलों में व्यय विभाग की अनुमति से नए पदों का सृजन किया जा सकता है।

वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट तौर पर कहा ता कि व्यय विभाग की अनुमति से नए पदों का सृजन किया जा सकता है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि 1 जुलाई, 2020 के बाद यदि कोई नया पद बनाया गया है, जिसके लिए व्यय विभाग की मंजूरी नहीं ली गई है, और इस पर यदि नियुक्ति नहीं हुई है, तो इसे रिक्त ही रखा जाए. अगर इन पदों पर नियुक्ति बेहद जरूरी है, तो इसके लिए व्यय विभाग की मंजूरी लेना आवश्यक होगा .

इसमें यह भी लिखा गया है कि संबंधित मंत्रालय और विभाग स्वयं के द्वारा नियुक्त व्यक्तिगत सलाहकारों की समीक्षा करके उनकी संख्या कम करने की तरफ ध्यान दें उनके मिलने वाला वेतन उनके काम की गुणवत्ता के आधार पर ही किया जायेगा. स्थापना दिवस सहित ऐसे आयोजन जो खर्च बढ़ाते हैं उन्हें कम करने का आदेश दिया गया है. विदेश से आयातित कागज पर बुक व डॉक्यूमेंट के प्रकाशन पर भी अपवाद को छोड़कर रोक लगाय गयी है.सरकारी नौकरियों में प्रतिबंध की उड़ती अफवाहों के बाद राहुल गांधी ने ट्वीट किया था और मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया था. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मोदी सरकार की सोच न्यूनतम सरकारी और अधिकतम निजीकरण की योजना की है. उन्होंने आगे लिखा कि कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ़्तरों को स्थायी ‘स्टाफ़-मुक्त’ बनाना है, युवा का भविष्य चुराना है, ‘मित्रों’ को आगे बढ़ाना है.

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