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राज्यसभा में दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक था सबकुछ

rajya sabha oneनई दिल्ली राज्यसभा में कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान विपक्षी संसदों ने अभूतपूर्व हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने न सिर्फ विधेयक के टुकड़े हवा में उछाले बल्कि उपसभापति के सामने लगा माइक भी तोड़ दिया। इसके बाद विपक्ष उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी ले आया। अब इन बिलों के समर्थन में सरकार ने मंत्रियों की पूरी फौज उतार दी है। राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू के घर पर हाई लेवल मीटिंग के बाद सरकार के 6 मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फेंस करते हुए विपक्ष पर जमकर हमला बोला। इस दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राज्यसभा में जो कुछ भी हुआ वह दुखद, शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण था।सिंह ने कहा, ‘राज्यसभा में कृषि से संबंधित 2 विधेयकों पर चर्चा चल रही थी उस समय राज्यसभा में जो हुआ वो जहां दुखद था, वहीं दुर्भाग्यपूर्ण भी था और उससे भी आगे जाकर मैं कहना चाहूंगा कि वो अत्यधिक शर्मनाक था।’ उन्होंने कहा कि राज्यसभा में उपसभापति के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ, उसे सभी ने देखा। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों के इस व्यवहार से लोकतंत्र की गरिमा पर आंच आई है। उन्होंने कहा कि जब-जब संसद की मर्यादा टूटती है, तब-तब लोकतंत्र की गरिमा पर आंच आई है। गृहमंत्री ने कहा कि सदन में चर्चा कराना सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी है, लेकिन विपक्ष का भी यह भी कर्तव्य है कि सदन की गरिमा बनाए रखे।

कृषि बिलों पर यह बोले राजनाथ
rajyasabha twoकृषि बिलों को लेकर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं खुद किसान हूं और एमएसपी की व्यवस्था किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होगी। उन्होंने दोनों बिलों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, ‘ये दोनों विधेयक किसान और कृषि जगत के लिए ऐतिहासिक हैं। इससे किसानों की आय बढ़ेगी। परन्तु किसानों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है कि MSP खत्म कर दी जाएगी जबकि ऐसा नहीं है किसी भी सूरत में MSP समाप्त नहीं होगा।’

विपक्षी सांसदों पर ऐक्शन लेंगे सभापति!
हंगामे को लेकर चर्चा है कि राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ ऐक्शन ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस हंगामे को लेकर राज्यसभा के सभापति बहुत चिंतित हैं और संभावना है कि हंगामा करने वाले और कागजों को फाड़ने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई हो। विपक्षी सांसदों ने जिस तरह से विरोध किया और राज्यसभा की कार्यवाही को रोकने की कोशिश की उस तरीके से बीजेपी भी नाखुश है।

आज का दिन ऐतिहासिक: नरेन्द्र तोमर
दूसरी ओर कृषि बिल पास होने के बाद किसानों के अलग-अलग समूहों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इस दौरान तोमर ने कहा कि राज्यसभा में आज 2 कृषि सुधार बिल पारित किए गए। अब तक किसानों को मंडियों में अपनी उपज को अनुचित कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता था। अब वे किसी को भी अपने दामों पर अपनी उपज बेच सकते हैं। साथ ही तोमर ने यह भी कहा कि एमएसपी की व्यवस्था बनी रहेगी। उन्होंने इस दिन को ऐतिहासिक करार दिया।

विपक्ष ने बताया काला दिन
गौरतलब है कि कृषि विधेयकों को लेकर राज्यसभा में चर्चा के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘बाहुबली मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है। इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।’ वहीं टीएमसी के डेरेक ओ’ ब्रायन ने कहा क‍ि ‘उन्‍होंने (सरकार) धोखेबाजी की। उन्‍होंने संसद में हर नियम तोड़ा। यह ऐतिहासिक दिन था, सबसे बुरे लिहाज से। उन्‍होंने राज्‍यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके। उन्‍होंने RSTV को सेंसर कर दिया। हमारे पास सबूत हैं।’

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