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पायलट गुट के सम्पर्क में गहलोत गुट के 10-15 विधायक !

sachin-pilot-and-ashok-gehlot-1594661918-1594693928जयपुर। राजस्थान सरकार को पिछले 15 दिनों से नाकों चने चबवाने वाले सचिन पायलट गुट ने सोमवार को फिर अशोक गहलोत खेमे में खलबली मचा दी है। सचिन पायलट गुट की ओर से जारी एक वीडियो में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधायक हेमाराम चौधनी ने दावा किया है कि गहलोत गुट की बाड़ाबंदी में 10-15 विधायक उनके संपर्क में हैं। इस दावों के बाद सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का दावा करने वाले अशोक गहलोत खेमे में हलचल पैदा कर दी है।इससे पहले कांग्रेस की प्रार्थना सभा में वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला की ओर से बागी विधायकों में से तीन विधायकों के लौटने का बयान दिया गया था। इस बयान के बाद ही पायलट खेमे की ओर से भी इस संबंध में यह वीडियो जारी किया गया। सचिन पायलट खेमे में शामिल वरिष्ठ नेता हेमाराम चौधरी ने कहा कि अशोक गहलोत खेमे के 10-15 विधायक हमारे संपर्क में हैं । वे कह रहे हैं कि आज़ाद होते ही हमारी तरफ आएंगे। चौधरी ने कहा कि अगर गहलोत प्रतिबंध हटाते हैं, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कितने विधायक उनके पक्ष में हैं।

राजस्थान सरकार पर मंडरा रहा सियासी संकट सोमवार को भी नहीं टला। शनिवार रात को राजभवन के सवालों के जवाब के रूप में गहलोत सरकार की ओर से विधानसभा सत्र बुलाने के लिए भेजे गए संशोधित प्रस्ताव पर भी कोई राज्यपाल ने हामी नहीं भरी। उलट, राज्यपाल कलराज मिश्र की ओर से एक और पत्र सरकार के नाम भेजा गया। इस पत्र में सरकार से राज्यपाल ने विधिक राय के बाद 3 बिंदुओं पर सहमति के बाद ही सत्र आहूत करने की बात कही है।

स्पीकर सीपी जोशी ने सुप्रीम कोर्ट में वापस ली याचिका

राजस्थान में मचे सियासी घमासान  के बीच बागी विधायकों के मामले में विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट  में सुनवाई होनी थी, लेकिन इससे पहले ही स्पीकर ने याचिका वापस ले ली है. स्पीकर की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कोर्ट में ये जानकारी दी. अब कांग्रेस राजस्थान में सियासत की लड़ाई अदालत में नहीं लड़ेगी, बल्कि अब राजनीतिक लड़ाई लड़ी जाएगी.सूत्रों का कहना है कि स्पीकर की सुप्रीम कोर्ट में जल्दबाजी में दाखिल की गई याचिका के कारण राजस्थान हाईकोर्ट को 1992 के खीटो होलहान जजमेंट का सहारा लेना पड़ा. होलहान जजमेंट एक नजीर बन गई है और हाईकोर्ट ने इसी को ध्यान में रखते हुए स्पीकर को 19 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने से रोक दिया. इसलिए अब स्पीकर ने याचिका वापस ली है.इस मामले में सचिन पायलट और अन्य बागी विधायकों की याचिका पर शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला आना था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की सुनवाई सोमवार को किए जाने के मद्देनजर हाईकोर्ट ने अपना फैसला न सुनाकर यथास्थिति बरकरार रखने को कहा. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल ने कहा कि वो शुक्रवार को आए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दे सकते हैं.

विधानसभा सत्र बुलाने पर अड़ी कांग्रेस
राजस्थान में राजनीतिक संकट के बीच राजस्थान विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए अशोक गहलोत मंत्रिमंडल ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र को संशोधित प्रस्ताव भेजा. राजभवन सूत्रों के मुताबिक अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्रा को कैबिनेट से पास करवा कर जो एजेंडा विधानसभा सत्र बुलाने के लिए भेजा है, उसमें बहुमत साबित करने का कोई ज़िक्र नहीं है. इसमें सिर्फ कोरोना पर चर्चा और कुछ बिल पास करवाने के अलावा, विधायी कार्यो के लिए सत्र बुलाने का निवेदन किया गया है.

BSP ने 6 विधायकों को कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए जारी किया व्हिप
दूसरी ओर, राजस्थान में बड़े घटनाक्रम के बीच बहुजन समाज पार्टी  ने पिछले साल कांग्रेस में शामिल होने के लिए पार्टी छोड़ने वाले 6 विधायकों को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी  के खिलाफ मतदान करने का रविवार को व्हिप जारी किया.

देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
इस बीच सचिन पायलट की बगावत के कारण राज्य में सियासी संकट में फंसी कांग्रेस आज सभी राज्यों में राजभवन के बाहर प्रदर्शन करने जा रही है. राजस्थान में सियासी संकट को लेकर इस मामले को लेकर कांग्रेस शुरू से बीजेपी पर हमलावर रही है. अब कांग्रेस ने ऐलान किया है कि सोमवार सुबह 11 बजे देश भर के राजभवनों यानी राज्यपालों, उप राज्यपालों के आवास के बाहर बीजेपी के खिलाफ ‘लोकतंत्र बचाओ- संविधान बचाओ’ की मांग के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करेंगे.

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