Pages Navigation Menu

Breaking News

संघ कार्यालय पर संघी-कांग्रेसियों ने फहराया तिरंगा
पंपोर में मुठभेड़ में तीनों आतंकवादी मारे गए  
वाराणसी में केजरीवाल को दिखाए काले झंडे

यशंवत सिन्हा को मिला एक और भाजपा सांसद का समर्थन

Yashwant-Sinha-And-Shatrughan-Sinhaनई दिल्ली: मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़ा कर भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा विवादों में घिर गए हैं। सिन्हा द्वारा अर्थव्यवस्था पर लिखे एक लेख का जहां भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने विरोध किया वहीं केंद्र सरकार में शामिल शिवसेना और शत्रुघ्न सिन्हा उनके बचाव में उतर आए हैं। शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में मोदी सरकार को चुनौती दी है कि अगर यशवंत सिन्हा गलत हैं तो साबित करें। सामना में लिखा कि गुजरात में लोग कह रहे हैं कि विकास पागल हो गया है। सिर्फ गुजरात ही क्यों, पूरे देश में विकास पागल हो गया है की तस्वीर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सामने ला रहे हैं। संपादकीय में लिखा गया कि सिन्हा गलत होंगे तो सिद्ध करो कि उनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं। वह कोई ऐरे-गैरे नहीं हैं। अटल बहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में वह वित्त मंत्री थे इसलिए उनके बयान को सोशल मीडिया पर नियुक्त कए गए वेतनधारी प्रचारकों की फौज झूठा साबित नहीं कर सकती।

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने वाले लेख के बाद पहली बार यशवंत सिन्हा मीडिया के सामने आए. गुरुवार को उन्होंने कहा कि 8 लाख करोड़ रुपए का पैसा एनपीए में फंसा हुआ है. देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट हुई है. मुझे लगा कि बात को सामने रखना चाहिए.यशवंत सिन्हा ने कहा कि बैंक बुरी तरह से फंसे हुए हैं जिसके कारण बैंक ने कर्ज देना बंद कर दिया, अर्थव्यवस्था धीमी हुई. फिर नोटबंदी की और जीएसटी लागू कर दी गई जिसके बाद स्थिति बिगड़ती गई.

मैं भी रहा जीएसटी का पक्षधर

यशवंत सिन्हा बोले कि मैं बीजेपी में जीएसटी का सबसे बड़ा पक्षधर रहा हूं, उस समय मैं उस कमेटी में था. जब गुजरात सरकार के विरोध के बावजूद मैंने जीएसटी के काम को आगे बढ़ाया. आज जो लोग जीएसटी को आजादी के बाद का सबसे बड़ा रिफॉर्म बता रहे थे, उस समय वो कहीं पर भी नहीं थे.1 जुलाई से जीएसटी को लागू करने का कोई फायदा नहीं हुआ है, 1 अप्रैल से लागू करते तो काफी अच्छा रहता. ऐसा नहीं है कि सरकार को लकवा मार गया है फैसले हो रहे हैं. सरकार में कन्फ्यूज़न की स्थिति है, कल्याण की योजनाओं के अलावा भी कई और सुधार करने होंगे. बैंक के एनपीए को लेकर को बड़ा फैसला लेना होगा.यशवंत सिन्हा ने कहा कि 40 महीने के बाद किसी और को दोष नहीं दिया जा सकता है. देश की जनता चाहती है कि आज ही रोजगार मिलें. आपको बता दें कि बुधवार को उन्होंने देश के आर्थिक हालात को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि जीडीपी ग्रोथ भी चिंताजनक है. देश की आर्थिक हालत ठीक नहीं है, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी प्रतिक्रिया हुई थी.

जयंत सिन्हा ने दिया जवाब

हालांकि उनके बेटे और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति अच्छी है. देश तरक्की कर रहा है. जीएसटी का फायदा लोगों को मिलेगा. नोटबंदी का भी फायदा हुआ है.जयंत सिन्हा ने एक अंग्रेजी अखबार के लिए लिखे गए लेख में कहा कि जीएसटी, नोटबंदी और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा एक गेमचेंजिंग कोशिश हैं. जिसका असर लंबे समय में दिखेगा. हर मंत्रालय नई तरह की पॉलिसी बना रहा है अब कोयला की नीलामी भी सही तरीके से हो रही है. इस सरकार के कार्यकाल में एफडीआई के आंकड़ों में काफी बढ़ोतरी हुई है.वहीं, यशवंत सिन्हा ने कहा था कि जीएसटी और नोटबंदी से फायदे की जगह नुकसान हो रहा है. इस प्रकार देश की आर्थिक स्थिति को लेकर पिता यशवंत सिन्हा पुत्र जयंत सिन्हा आमने-सामने हैं. एक अखबार के माध्यम से पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने देश के आर्थिक हालात को लेकर अपनी बातें रखी थी, लेकिन आज वो तमाम मीडिया से रूबरू होंगे और देश की आर्थिक स्थिति पर एक बार फिर से बातचीत करेंगे. आज शाम को उनके बेटे जयंत सिन्हा भी मीडिया को यशवंत सिन्हा द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देंगे.

शत्रुघ्न ने भी दिया यशवंत सिन्हा का साथ 
भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने ट्वीट कर लिखा कि यशवंत सिन्हा एक सच्चे नेता, जांचे-परखे बुद्धिमान शख्स हैं, जिन्होंने खुद को सबसे बेहतरीन और सफलतम वित्त मंत्री के तौर पर साबित किया है। शत्रुघ्न ने लिखा कि भारत की आर्थिक स्थिति का आइना दिखाया है और बिल्कुल सही बात कही है। मिस्टर सिन्हा हमेशा सोच समझ कर बोलते हैं और उनकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।

Mr. Yashwant Sinha is a true statesman & a tried & tested man of wisdom, who has proven himself as one of the best & most successful….1>2

— Shatrughan Sinha (@ShatruganSinha) September 28, 2017

स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र की नीतियों पर बोला हमला

स्वदेशी जागरण मंच के सह संयोजक अश्विनी कुमार ने कहा कि मौजूदा आर्थिक नीतियों में कुछ चीजें हैं जिन्हें बदलना जरूरी है. रोजगार इस देश में एक राजनीतिक नारा बन गया है. जीएसटी के कारण छोटे कारोबारी प्रभावित हुए हैं.उन्होंने कहा कि यशवंत सिन्हा की राय से मैं पूरा सहमत नहीं हूं लेकिन मौजूदा आर्थिक नीतियों में बदलाव की जरूरत है. सरकार को रोजगार पैदा करने की जरूरत है, वरना यह राजनीतिक नारा बना रहेगा. जरूरत इस बात की है कि दीन दयाल उपाध्याय के विचारों पर अमल किया जाए.

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *