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” आज मेरा घर टूटा है, कल उद्धव ठाकरे का घमंड टूटेगा ”

kangna vs udhavनई दिल्लीl फिल्म अभिनेत्री कंगना रनोट ने उद्धव ठाकरे को दफ्तर तोड़े जाने के बाद पलटवार करते हुए ललकारा हैl कंगना ने एक वीडियो जारी कर उद्धव ठाकरे को ऐसा करने के लिए धन्यवाद भी कहा हैl साथ ही उन्होंने इस बात की भी घोषणा की कि वह कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाएंगी और मानती है कि समय का पहिया जल्द घूमेगा क्योंकि समय एक जैसा नहीं रहताl आज उनका घर टूटा है, कल उद्धव ठाकरे का घमंड टूटेगाl

कंगना रनोट कहती है, ‘उद्धव ठाकरे तुझे क्या लगता है कि तूने फिल्म माफिया के साथ मिलकर मेरा घर तोड़कर मुझसे बहुत बड़ा बदला लिया है आज मेरा घर टूटा है कल तेरा घमंड टूटेगाl यह वक्त का पहिया है, याद रखना हमेशा एक जैसा नहीं रहता और मुझे लगता है कि तुमने मुझ पर एक बहुत बड़ा एहसान किया है क्योंकि मुझे पता तो था कि कश्मीरी पंडितों पर क्या बीती होगीl आज मैंने महसूस किया है और आज मैं इस देश को वचन देती हूं कि मैं सिर्फ अयोध्या पर ही नहीं कश्मीर पर भी एक फिल्म बनाऊंगी और अपने देशवासियों को जगाऊंगी क्योंकि मुझे पता था कि ऐसा कुछ मेरे साथ होगाl इसका कोई मतलब है, इसके कोई मायने है और उद्धव ठाकरे यह जो क्रूरता और यह जो आतंक है, अच्छा हुआ यह मेरे साथ हुआ क्योंकि इसके कुछ मायने हैंl जय हिंद, जय महाराष्ट्र।’

वीडियो में कंगना मुख्यमंत्री को “तू” संबोधित करती नजर आ रही हैं. उन्होंने कहा, “उद्धव ठाकरे, तुझे क्या लगता है कि तुम फिल्म माफिया के साथ मिलीभगत कर, मेरे घर को ध्वस्त कर दिया और मुझसे बदला लिया?” कंगना ने कहा, “यह समय का पहिया है, याद रखें, यह कभी भी एक जैसा नहीं रहता है.” बीएमसी ने पाली हिल्स में कंगना के कार्यालय में अवैध निर्माण को गिरा दिया. बॉम्बे हाइकोर्ट ने इस पर रोक लगाने का आदेश दिया था और बीएमसी को नोटिस दिया था. बता दें कि बीएमसी में शिवसेना सत्ता में है.’मैं मानती हूं महाराष्ट्र ने मुझे सब कुछ दिया है, मगर मैंने भी महाराष्ट्र को अपनी भक्ति और प्रेम से एक ऐसी बेटी की भेंट दी है जो महाराष्ट्र शिवाजी महाराज की जन्मभूमि में स्त्री सम्मान और अस्मिता केलिए अपना ख़ून भी दे सकती है। मैं 12 साल की उम्र में हिमांचल छोड़ चंडीगढ़ हॉस्टल गई। फिर दिल्ली में रही और सोलह साल की थी जब मुंबई आई, कुछ दोस्तों ने कहा मुंबई में वही रहता है जिसे मुंबा देवी चाहती हैं, हम सब मुंबा देवी देवी के दर्शन करने गए, सब दोस्त वापस चले गए और मुंबा देवी ने मुझे अपने पास ही रख लिया।’कंगना ने लिखा, ‘रानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य और बलिदान को मैंने फ़िल्म के जरिए जिया है। दुख की बात यह है मुझे मेरे ही महाराष्ट्र में आने से रोका जा रहा है मैं रानी लक्ष्मीबाई के पद चिन्हों पर चलूगी ना डरूंगी, ना झुकूंगी। गलत के ख़िलाफ़ मुख़र होकर आवाज़ उठाती रहूंगी।’

कंगना के आने से पहले शिवसेना के मुखपत्र सामना में कंगना को बेईमान, देशद्रोही…जैसे शब्दों से तीखा हमला किया गया। जवाब में कंगना भी कहां चुप रहने वाली थीं। कंगना ने दनादन ट्वीट्स कर शिवसेना पर तीखा हमला किया।कंगना ने चुनौती भरे लफ्जों में ट्वीट किया, ‘मुंबई में मेरा घर है। मैं मानती हूं, महाराष्ट्र ने मुझे सब कुछ दिया है। मगर मैंने भी महाराष्ट्र को अपनी भक्ति और प्रेम से एक ऐसी बेटी की भेंट दी है जो शिवाजी महाराज की जन्मभूमि में स्त्री सम्मान और अस्मिता के लिए अपना खून भी दे सकती है, जय महाराष्ट्र!’

मोदी सरकार पर भी तीखा हमला
इससे पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए कंगना रनौत को एक बार फिर से निशाने पर लिया। सामना के संपादकीय में कंगना को बेईमान बताया गया है। यहां तक कि कंगना को देशद्रोही, बेईमान और मानसिक विकृत बताया गया है। वहीं मोदी सरकार को देशद्रोही को सुरक्षा देने की बात कही गई है। पत्रकारों को भी देशद्रोही बताकर हरामखोर कहा गया।

‘सामना’ में लिखा है कि मुंबई की तुलना ‘पाक अधिकृत’ कश्मीर से करना और मुंबई पुलिस को माफिया आदि बोलकर खाकी वर्दी का अपमान करना बिगड़ी हुई मानसिकता के लक्षण हैं। महाराष्ट्र की 11 करोड़ मराठी जनता और मुंबई का अपमान मतलब देशद्रोह जैसा अपराध प्रतीत होता है। जब ऐसा अपराध करनेवाले लोगों के साथ राष्ट्रभक्त मोदी सरकार का गृह मंत्रालय सुरक्षा कवच देकर खड़ा होता है, तब हमारे 106 शहीद स्वर्ग में आंसू बहा रहे होंगे।

‘सामना’ ने कहा कि राजनीतिक एजेंडे को सामने लाने के लिए देशद्रोही पत्रकार और सुपारीबाज कलाकारों के राजद्रोह का समर्थन करना भी ‘हरामखोरी’ ही है। मतलब माटी से बेईमानी ही है। जो लोग महाराष्ट्र के बेईमानों के साथ खड़े हैं, उन्हें 106 शहीदों की बद्दुआ तो लगेगी ही, लेकिन राज्य की 11 करोड़ जनता भी उन्हें माफ नहीं करेगी! ‘मुंबा’ माता का अपमान करनेवालों के नाम महाराष्ट्र के इतिहास में डामर से लिखे जाएंगे। बेईमान कहीं के! ये लोग अब राष्ट्रभक्ति का तुनतुना न बजाएं, बस इतनी ही अपेक्षा है!

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