Pages Navigation Menu

Breaking News

दत्तात्रेय होसबोले बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह

 

पैर पसार रहा कोरोना, कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

छोटी बचत पर ब्याज दरों में कटौती लोगों को बड़ा झटका

narendra_modi_and_nirmala_sitharaman_5009834_835x547-mसरकार ने छोटी बचत पर ब्याज दरों में कटौती करके आम लोगों को बड़ा झटका दिया है। बचत खातों, पीपीएफ, एफडी से लेकर बुजुर्गों के लिए बचत योजनाओं तक पर ब्याज दरों में कटौती कर दी गई है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू हो जाएंगी और 30 जून 2021 तक प्रभावी रहेंगी।बचत खातों में जमा राशि पर वार्षिक ब्याज को 4 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया गया है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) पर अब तक 7.1 फीसदी वार्षिक ब्याज मिलता था, जिसे घटाकर 6.4 फीसदी कर दिया गया है। एक साल के लिए जमा राशि पर तिमाही ब्याज दर को 5.5 फीसदी से घटाकर 4.4 फीसदी किया गया है। बुजुर्गों को बचत योजनाओं पर अब 7.4 फीसदी की जगह केवल 6.5 फीसदी तिमाही ब्याज मिलेगा।

एक साल के लिए एफडी पर 5.5 फीसदी की जगह 4.4 फीसदी ब्याज मिलेगा तो 2 साल तक की जमा राशि पर अब 5.5 फीसदी की जगह 5 फीसदी, 3 साल के लिए जमा राशि पर 5.5 फीसदी की जगह 5.1 फीसदी, 5 साल के लिए एफडी पर 6.7 फीसदी की जगह 5.8 फीसदी ब्याज मिलेगा। वहीं, 5 साल की आरड पर 5.8 की जगह 5.3 फीसदी ब्याज मिलेगा। मासिक आमदनी खाते पर अब 6.6 फीसदी की जगह केवल 5.7 फीसदी ब्याज मिलेगा।

नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर 6.8 फीसदी की बजाय केवल 5.9 फीसदी ब्याज दिया जाएगा। किसान विकास पत्र पर 6.9 फीसदी की जगह 6.4 फीसदी ब्याज मिलेगा तो मैच्योर होने की समय सीमा को 124 महीनों से बढ़ाकर 138 महीने कर दिया गया है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना पर भी ब्याज दर को 7.6 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया गया है।स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरें प्रत्येक तिमाही के लिए तय होती हैं। सरकार इन दरों को तय करती है। अप्रैल 2020 में दरों में बड़ी कटौती के बाद स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर ब्याज दरों को पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में अपरिवर्तित रखा गया था।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »