Pages Navigation Menu

Breaking News

राम मंदिर के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दिए 5 लाख 100 रुपये

 

भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

इंजीनियर ने लिखा- छींक कर वायरस फैलाएं; इन्फोसिस ने नौकरी से हटाया

infosysकोरोना वायरस का कहर दुनिया में बढ़ता जा रहा है. वहीं भारत में इसका प्रकोप जारी है, जिसको देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश में लॉक डाउन की घोषणा कर दी. इस बीच एक ऐसा मामला सामने आया, जहां बेंगलुरु की आईटी कंपनी इन्फोसिस के एक कर्मचारी ने कोरोना वायरस को लेकर एक विवादित पोस्ट किया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.बताया जा रहा है कि आईटी कंपनी इन्फोसिस के आरोपी कर्मचारी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, ‘चलिए…साथ आएं, बाहर निकलें, खुले में छींकें और वायरस फैलाएं.’ जिसके बाद आरोपी को  खुले स्थान पर लोगों को छींकने और कोरोना वायरस का प्रसार करने के लिए उकसाने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया.आईटी कंपनी इंफोसिस ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच में कर्मचारी को दोषी पाया गया है और आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर को नौकरी से निकाल दिया है.बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने एक बयान में कहा, ‘जिस व्यक्ति ने लोगों से खुले में छींकने और वायरस फैलाने की बात कही थी, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है.’इंफोसिस ने अपने आधिकारिक हैंडल पर एक ट्वीट किया कि कर्मचारी का सोशल मीडिया पर पोस्ट आचार (code of conduct) नियमावली के खिलाफ है. उसने कहा, ‘इंफोसिस ने अपने कर्मचारी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर अपनी जांच पूरी कर ली है, और हम मानते हैं कि यह गलत पहचान का मामला नहीं है.’

इंजीनियर मुजीब मोहम्मद ने पोस्ट किया था- ‘‘आइए हम साथ आएं, लोगों के बीच जाकर छींकें। वायरस फैलाएं।’’ इसके बाद मुजीब की पहचान इन्फोसिस कर्मचारी के रूप में हुई और कंपनी ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। सोशल मीडिया पोस्ट में संक्रमण फैलाने की बात लिखने पर इंजीनियर की गिरफ्तारी भी हुई है।इन्फोसिस ने ट्वीट किया- हमने एक कर्मचारी के पोस्ट की जांच कर ली है। हमें लगता है कि यह गलत पहचान का मामला नहीं है। कर्मचारी का पोस्ट कंपनी के नियमों और सामाजिक साझेदारी की प्रतिबद्धता के खिलाफ है। ऐसी गतिविधियों को लेकर हमारी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। उसे नौकरी से हटा दिया गया है।कुछ दिन पहले इन्फोसिस के बेंगलुरु ऑफिस का एक कर्मचारी संक्रमित मिला था। इसके बाद कंपनी ने पूरा ऑफिस खाली करा दिया और इसे सैनिटाइज कराया था। बेंगलुरु में इन्फोसिस के 10 से अधिक ऑफिस हैं। यहां से उसके डेवलपमेंट सेंटर और कॉर्पोरेट सेंटर ऑपरेट होते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इन्फोसिस ने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है। साथ ही कंपनी ने भारत और दूसरे देशों में कोरोना को लेकर जारी सलाह मानने और सरकारों को पूरा सहयोग देने की बात कही है।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *