Pages Navigation Menu

Breaking News

सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस जारी,कंटेंट हटाने को मिलेंगे 24 घंटे

 

सोनार बांग्ला के लिए नड्डा का प्लान,जनता से पूछेंगे सोनार बांग्ला बनाने का रास्ता

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

तेल की बढ़ती कीमतों पर सोनिया गांधी का पीएम मोदी को लेटर

sonia oppकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईंधन के बढ़ते दामों को लेकर पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि कीमतें ऐतिहासिक एवं अव्यावहारिक हैं। ईंधन के बढ़े दाम वापस लिए जाएं और इसका लाभ हमारे मध्यम एवं वेतनभोगी वर्ग, किसानों, गरीबों तक पहुंचाया जाए। सोनिया गांधी ने कहा कि जिस तरह जीडीपी गोता खा रही है और ईंधन के दाम बेतरतीब बढ़ रहे हैं, सरकार अपने आर्थिक कुप्रबंधन का ठीकरा पिछली सरकारों पर फोड़ने में लगी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार लोगों की तकलीफों को बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पत्र की शुरुआत में लिखा, ”मैं यह पत्र आपको आसमान छूती तेल व रसोई गैस की कीमतों से हर नागरिक के लिए उत्पन्न गहन पीड़ा एवं संकट से अवगत कराने के लिए लिख रही हूं। एक ओर, भारत में रोजगार खत्म हो रहा है, कर्मचारियों का वेतन घटाया जा रहा है और घरेलू आय निरंतर कम  हो रही है। तेजी से बढ़ती महंगाई और घरेलू सामान एवं हर आवश्यक वस्तु की कीमत में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी ने इन चुनौतियों को और अधिक गंभीर बना दिया है। खेद इस बात का है कि संकट के इस समय में भी भारत सरकार लोगों के कष्ट व पीड़ा दूर करने की बजाय उनकी तकलीफ बढ़ाकर मुनाफाखोरी कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि  ईंधन के दाम इस समय ऐतिहासिक रूप से अधिकतम ऊंचाई पर हैं, जो पूरी तरह अव्यवहारिक हैं। यह तथ्य है की देश के कई हिस्सों में पेट्रोल के दाम 100 रु. प्रति लीटर को भी पार कर गए हैं। डीजल के निरंतर बढ़ते दामों ने करोड़ों किसानों की परेशानियों को और अधिक बढ़ा दिया है। देश के तमाम नागरिक इस बात से परेशान हैं कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर की जा रही है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें मध्यम स्तर पर ही हैं। सही बात तो यह है कि कच्चे तेल की ये कीमतें यूपीए सरकार के कार्यकाल से लगभग आधी हैं।”

सोनिया गांधी ने सवाल उठाते हुए पूछा कि मैं यह नहीं समझ पा रही कि कोई सरकार लोगों की कीमत पर उठाए ऐसे बेपरवाह और असंवेदनशील उपायों को कैसे सही ठहरा सकती है? आपकी सरकार ने डीजल पर एक्साईज ड्यूटी को 820 फीसदी और पेट्रोल को 258 प्रतिशत बढ़ाकर पिछले साढ़े छः साल में 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कर वसूली की है। ईंधन के दामों पर करों के रूप में की गई इस मुनाफाखोरी का देश के लोगों को कोई लाभ नहीं मिला।

बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज 13वें दिन राहत मिली है। आज कीमतों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। कल शनिवार को दिल्ली में पेट्रोल 39 पैसे प्रति लीटर चढ़ कर 90.58 रुपये पर चला गया था। डीजल भी 37 पैसे का छलांग लगा कर 80.97 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। आज दिल्ली में पेट्रोल का रेट 90.58 रुपये और डीजल का भाव 80.97 रुपये है।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *