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संसद का मॉनसून सत्र, 21 विधेयक पारित

 

सोलहवीं लोक सभा के पन्द्रहवें सत्र का समापन शुक्रवार को हो गया। संसद का मॉनसून सत्र 18 जुलाई से 10 अगस्त तक चला। लोकसभा में कुल 17 बैठकें हुईं और 112 घंटे तक कामकाज हुआ।बजट सत्र की अपेक्षा इस सत्र में कामकाज काफी बेहतर और संतोषजनक रहा। मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस प्रस्ताव पर 20 जुलाई 2018 को 11 घंटे 46 मिनट चर्चा हुई। इस चर्चा में 51 सदस्यों ने भाग लिया। यह प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ। इस सत्र के दौरान

parliament-of-india_factly.in_ sumitraमहत्वपूर्ण वित्तीय विधायी और अन्य कार्य निपटाए गए। अनुदानों की अनुपूरक मांगों पर चर्चा हुई और तत्पश्चात् विनियोग विधेयक पारित किए गए। वर्तमान सत्र के दौरान 22 सरकारी विधेयक पुरःस्थापित किए गए। कुल मिलाकर 21 विधेयक पारित किए गए। इनमें निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार दूसरा संशोधन विधेयक 2017, भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक, 2018, भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) विधेयक व्यक्तियों का दुव्यापार निवारण, संरक्षण और पुनर्वास विधेयक 2018, दांडिक विधि (संशोधन) विधेयक 2018, वाणिज्यिक न्यायालय, उच्च न्यायालय वाणिज्यिक प्रभाग और वाणिज्यिक अपील प्रभाग (संशोधन) विधेयक, 2018, संविधान से संबंधित एक सौ तेइसवां संशोधन विधेयक 2017, राष्ट्रीय खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2018, अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक, 2018, संपत्ति अधिग्रहण और अर्जन (संशोधन) विधेयक 2017 शामिल रहे। सत्र के दौरान 75 तारांकित प्रश्नों, प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिए गए। शेष 285 तारांकित प्रश्नों के लिखित उत्तर 4140 अतारांकित प्रश्नों के उत्तरों के साथ सभा पटल पर रखे गए। सदस्यों ने प्रश्न काल के पश्चात् और शाम को देर तक बैठकर लगभग 534 अविलंबनीय लोक महत्व के मामले उठाए। माननीय सदस्यों ने नियम 377 के अधीन 326 मामले भी उठाए। स्थायी समितियों ने सभा में 62 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। देश के विभिन्न भागों में बाढ़ एवं सूखे की स्थिति पर नियम 193 के अधीन एक अल्पकालिक चर्चा भी हुई। अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर मंत्रियों द्वारा 64 वक्तव्य दिए गए। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कामकाज के लिहाज से संसद के मानसून सत्र को उत्पादकता वाला बताया।

सन 2000 के बाद इस मानसून सत्र में सबसे ज्यादा कार्यवाही हुई है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज सदन की कार्यवाही अनिश्चतकालीन समय के लिए स्थगित करने से पहले कहा कि यह सत्र हाल ही के पिछले दो सार्थक सत्रों अर्थात बजट सत्र 2017 का दूसरा भाग (11वां सत्र) और 2017 का मानसून सत्र (12वां सत्र) की तुलना में कहीं ज्यादा सार्थक रहा।सुमित्रा महाजन के मुताबिक इस सत्र के दौरान 17 बैठकें हुईं जो 112 घंटे चलीं। इस दौरान तेदेपा सदस्य श्रीनिवास केसिनेनीर की ओर से पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 20 जुलाई को 11 घंटे 46 मिनट की चर्चा चली और मतदान के बाद यह प्रस्ताव गिर गया।इस सत्र में महत्वपूर्ण वित्तीय, विधायी एवं अन्य कार्य निपटाए गए। वर्ष 2018-19 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों (सामान्य) एवं वर्ष 2015-16 के लिए अतिरिक्त अनुदानों की मांगें (सामान्य) पर चार घंटे 46 मिनट से अधिक की चर्चा हुई और इसके बाद इन्हें मतदान के लिए रखा गया एवं संबंधित विनियोग विधेयक पारित किए गए। मानसून सत्र में कुल 22 सरकारी विधेयक पेश किए गए। 21 विधेयक पारित किए गए। इनमें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्ज देने संबंधी संविधान (123वां संशोधन) विधेयक-2018 और उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के मद्देनजर लाया गया अनुसूचित जातियां एवं अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन विधेयक-2018 प्रमुख हैं। इन दो विधेयकों का उल्लेख करते हुए सुमित्रा महाजन ने कहा, ”इस सत्र में लोकसभा ने समाज कल्याण से जुड़े ऐसे विधेयक पारित किए जिनका समाज के वंचित वर्गों पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। जैसे संविधान (123वां संशोधन) विधेयक-2018 के पारित होने से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

 

एक नजर इन आंकड़ों परः

  • इस दौरान 17 बैठकें हुईं, जो 112 घंटे चली।
  • स्थगनों के कारण आठ घंटे 26 मिनट का समय बर्बाद हुआ।
  • सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया, जिस पर 11 घंटे 46 मिनट की चर्चा हुई।
  • सत्र के दौरान 22 विधेयक सदन में पेश किए गए, जबकि 21 पारित किए गए।
     बिलः भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून, 2018
  • लोकसभा में पासः 19/7/ 2018
  • राज्यसभा में पासः 25/7/ 2018

खास बातेंः 

  • 1. अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ 100 करोड़ रुपये या अधिक के आर्थिक अपराधों में शामिल होने पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो। वह व्यक्ति मुकदमे से बचने के लिए देश छोड़कर फरार हो गया हो, तो उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी माना जाता है।
  • 2. विशेष अदालत को किसी व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने और उसकी बेनामी व अन्य संपत्ति जब्त करने का अधिकार होगा।
  • 3. जब्त करने के आदेश की तारीख से सभी संपत्तियों का अधिकार केंद्र सरकार के पास चला जाएगा।

स्टेट बैंक (रिपील और सांशोधन) बिल, 2017

  • लोकसभा में पासः 30/7/2018
  • राज्यसभा में पासः 18/7/2018

खास बातेंः 

  • 1. एसबीआई का विलय पांच अन्य बैंकों के साथ किया जाएगा।
  • 2. जिन बैंकों का विलय भारतीय स्‍टेट बैंक में किया गया है, वे हैं – स्‍टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्‍टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्‍टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्‍टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्‍टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर।
  • 3. विलय के बाद एसबीआइ ग्राहक संख्या के हिसाब (50 करोड़ ग्राहक) से दुनिया का सबसे बड़ा बैंक हो जाएगा जबकि 22,500 शाखाओं के हिसाब से यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा।
  • 4. एसबीआइ की परिसंपत्तियां बढ़कर 37 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएंगी।

भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन बिल -2018

  • लोकसभा में पासः 24/7/2018
  • राज्यसभा में पासः19/7/2018

खास बातेंः 

  • 1. नए कानून में रिश्वत देने वाले को भी इसके दायरे लाया गया है।
  • 2. दोषी को तीन साल से लेकर सात साल तक की सजा और जुरमाना होगा. दोबारा अपराध करने पर पांच से दस साल तक की सजा और जुरमाना का प्रावधान है।
  • 3.लोकसेवकों पर भ्रष्टाचार का मामला चलाने से पहले केंद्र के मामले में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों से अनुमति लेनी होगी।
  • 4.रिश्वत देने वाले को अपनी बात रखने के लिए 7 दिन का समय दिया जाएगा, जिसे 15 दिन तक बढ़ाया जा सकता है।
  • 5. जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि रिश्वत किन परिस्थितियों में दी गई है।

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (संशोधन) बिल, 2017

  • लोकसभा में पासः 23/7/2018
  • राज्यसभा में पासः 25/7/2018

खास बातेंः 

  • 1. चेक बाउंस मामलों के दोषियों को 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।
  • 2. चेक बाउंस होने की स्थिति में आरोपी की तरफ से पहले ही चेक पर अंकित राशि की 20 फीसदी रकम अदालत में जमा करानी होगी। बिल में प्रावधान है कि अगर निचली अदालत में फैसला आरोपी के खिलाफ आता है और वह ऊपरी अदालत में अपील करता है तो उसे फिर से कुल राशि की 20 फीसदी रकम अदालत में जमा करानी होगी।
  • 3. अदालत में मुकदमा चलने पर पीड़ित पक्ष को नुकसान ना हो, इसलिए 20 फीसदी अंतरिम राशि का 60 दिन के भीतर भुगतान किये जाने की अनिवार्यता होगी।
  • 4.अगर चेक देने वाला दोष मुक्त हो जाता है  तो कोर्ट शिकायतकर्ता  को आदेश  दे सकता है कि वह ब्याज के साथ अंतरिम मुआवजा लौटाए। यह राशि कोर्ट के आदेश के 60 कदनों के भीतर चुकाई जाएगी।
  • 5. देश भर की निचली अदालतों में चेक बाउंस के करीब 16 लाख मुकदमे चल रहे हैं जबकि 32,000 मामले उच्च अदालतों तक गए हैं।

विशिष्ट राहत संशोधन बिल, 2017

  • लोकसभा में पासः 15/3/2018
  • राज्यसभा में पासः 23/7/2018

खास बातेंः 

  • 1. हर इनफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर लागू होगा।
  • 2. अब ठेकेदारों की मनमानी पर रोक लग सकेगी।
  • 3. किसी कार्य को समय पर पूरा करने और तय मानकों के अनुरूप काम न करने पर समझौता टूटने पर किसी तीसरी पार्टी से काम करने का विकल्प होगा।
  • 4. दोनों पक्षों के बीच के विवाद अब कोर्ट कटहरी के बजाए मध्यस्थों की मदद से सुलझाएं जाएंगे।
  • 5. यदि कोई ठेकेदार भाग जाता है तो दूसरे ठेकेदार द्वारा योजना पूरी की जाएगी और पैसा आवंटित फर्म से ही वसूला जाएगा।

आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2018 

  • लोकसभा में पासः 30/7/2018
  • राज्यसभा में पासः  6/8/2018

खास बातेंः 

  • 1. 12 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के साथ बलात्कार के अपराध के लिये दंड को सात वर्ष के न्यूनतम कारावास से बढ़ाकर 10 वर्ष करने का प्रावधान किया गया है।
  • 2. 12 वर्ष से कम आयु की लड़की से सामूहिक बलात्कार के अपराध के लिये दंड आजीवन कारावास होगा जिसका अभिप्राय उस व्यक्ति के शेष जीवनकाल के लिये कारावास होगा और जुर्माना देना होगा अथवा मृत्यु  दंड होगा।
  • 3. 16 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप के मामले में न्यूनतम सजा को 10 वर्ष कैद से बढ़ाकर 20 वर्ष किया गया है ।
  • 4. 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में अभियुक्त को जीवन भर कारावास की सजा भुगतनी होगी।
  • 5. रेप के मामलों में जांच पूरी करने के लिए दो महीने की समय सीमा होगी।
  • 6. ऐसे मामलों की जांच अधिकारी भी महिला होगी। उन्होंने कहा कि जहां भी संभव हो सकेगा, ऐसे मामलों की सुनवाई महिला न्यायाधीश द्वारा ही की जाएगी।

संविधान (123वां संशोधन) बिल

  • लोकसभा में पासः 2/8/2018
  • राज्यसभा में पासः 6/8/2018

खास बातेंः 

  • 1. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा।
  • 2. नया आयोग सिविल कोर्ट की शक्तियों से लैस होगा। इस शक्ति से वह आरोपी को समन कर सकता है। सजा भी दे सकता है। जैसा कि राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग करता है।
  • 3. आयोग को अपनी खुद की प्रक्रिया बनाने की शक्ति होगी। आयोग को पिछड़े वर्गों के सुरक्षा उपाय से जुड़े मामलों की जांच और निगरानी का अधिकार होगा।

 अनुसूचित जातियां और अनुसूचित जनजातियां (अत्याचार निवारण) संशोधन बिल,2018

  • लोकसभा में पासः 6/8/2018
  • राज्यसभा में पासः 9/8/2018

खास बातेंः 

  • 1. सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलने के लिए सरकार बिल लेकर आई।
  • 2. पुराने कानून को फिर से स्थापित किया गया।
  • 3. शिकायत किए जाने पर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की जा सकेगी।
  • 4. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जांच अधिकारी को किसी अथॉरिटी की मंज़ूरी नहीं लेनी होगी।
  • 5. आरोपी को अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी।

अचल संपत्ति का अधिग्रहण और अर्जन (संशोधन) बिल 2017

  • लोकसभा में पासः 7/8/2018
  • राज्यसभा में पासः18/7/2018

खास बातेंः 

  • 1. किसी सार्वजनिक उद्देशय के लिए सरकार अचल संपत्ति का अधिग्रहण कर सकती है।
  • 2.सार्वजनिक उद्देशय जैसे रक्षा और सरकारी कार्यालय और आवास।
  • 3. जब उद्देश्य समाप्त हो जाये तो संपत्ति अच्छी स्थिति में लौटाई जैसे ली थी।
  • 4. सरकार दो स्थितियों में संपत्ति अर्जित कर सकती है।  एक, सरकार ने उस संपत्ति पर निर्माण किया हो दूसरा उस संपत्ति को मूल स्थिति में लाने की कीमत बहुत ज़्यादा हो।

होमियोपैथी सेंट्रल कौंसिल (संशोधन) बिल, 2018

  • लोकसभा में पासः 30/7/2018
  • राज्यसभा में पासः 9/8/2018

खास बातेंः 

  • 1.सरकार सुनिश्चित करेगी कि सभी होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में न्यूनतम मानदंड और बुनियादी सुविधाएं हों।
  • 2.पहले से चल रहा कोई होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज अथवा कोई मेडिकल नए कोर्स शुरू करना चाहता है तो उसे केंद्र सरकार से एक वर्ष के भीतर अनुमति प्राप्त करनी होगी।
  • 3.यदि एक साल के भीतर मेडिकल कॉलेज आवश्यक अनुमति नहीं लेता है तो उस कॉलेज द्वारा दी गयी डिग्री इत्यादि मान्य नहीं होगी।
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