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किसान लोगों को मौत के मुंह में नहीं ढकेल सकते; सुप्रीम कोर्ट

stubble_burning-pti_1नई दिल्ली: पराली जलाने से गैस चैंबर बन चुकी दिल्ली पर सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि किसान अपनी आजीविका के लिए दूसरे लोगों की मौत के मुंह में नहीं ढकेल सकते। अगर वे पराली जलाना जारी रखेंगे तो उनके प्रति हमारी कोई सहानुभूति नहीं रहेगी। कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण की वजह से दिल्लीवासियों की आयु कम हो रही है।जस्टिस अरूण मिश्रा और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि कोई भी किसान यह दावा नहीं कर सकते कि पराली जलाना उनका अधिकार है। हम किसानों को उनकी आजीविका के लिए दूसरों को मौत के मुंह में नहीं जाने दे सकते।किसान यह नहीं कह सकते कि उन्हें दूसरी फसल लगानी है इसलिए पराली जलाना उनका अधिकार है। पीठ ने दो टूक कहा कि पराली जलाने वालों के प्रति हमारी कोई सहानुभूति नहीं है। जो लोग पराली जलाना नहीं रोकते और प्रदूषण के बारे में नहीं सोचते तो वे अन्य अधिकारों का दावा नहीं कर सकते।सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पंजाब सरकार को फटकार लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि आप किसानों को पराली जलाने से रोकने में पूरी तरह से विफल रहे हैं. हमें लगता है कि अब समय आ गया है जब इस विफलता के लिए उन अधिकारियों को दंडित किया जाए, जिन्हें किसानों को पराली जलाने से रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पंजाब के मुख्य सचिव को फटकार लगाते हुए कहा कि यह क्या तरीका है. हम आपको यहीं से सस्पेंड कर सकते हैं. आप पंजाब के मुख्य सचिव किस नाम के हैं. यह किसी और की नहीं बल्कि आपकी विफलता है.

GTY_supreme_court_cases_jef_131003_16x9_992EPCA की याचिका पर सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच जिसमें जस्टिस अरुण मिश्रा और दीपक गुप्ता शामिल हैं, ने कहा कि प्रदूषण से लोग मर रहे हैं, प्रदूषण का स्तर 1800 के पार पहुंच गया है, फ्लाइट्स को डायवर्ट किया जा रहा है. आपको अपनी इस उपलब्धि पर गर्व हो रहा होगा. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र सरकार को भी फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि आप चाहते हैं कि हम गरीब किसानों को दंडित करें. क्या पंजाब,हरियाणा और यूपी सरकार के काम करने का यही तरीका है. आप इसके लिए जिम्मेदार हैं, अकेले आप ही नहीं इसके लिए पंजाब, हरियाणा, यूपी और पूरी दिल्ली भी इसके लिए जिम्मेदार है. जस्टिस मिश्रा ने कहा कि किसी को भी गरीब नागरिकों की चिंता नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से पहले पंजाब सरकार ने मंगलवार को पराली जलाने को लेकर उल्लंघन करने के लिए 196 किसानों को गिरफ्तार किया और 327 एफआईआर दर्ज की थी. एक दिन में पराली जलाने के 6,668 और 5 नवंबर तक कुल 37,935 मामले सामने आए हैं. बताते चले कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट  बुधवार को अहम सुनवाई की. पंजाब, हरियाणा और यूपी के चीफ सेकेट्री सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और पराली जलाने को रोकने को लेकर कदमों के बारे में जानकारी दी. उधर, किसानों को जिला प्रशासन के आदेशों का उल्लघंन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया गया है. पराली जलाने की कुल संख्या 37,935 हो गई है, जबकि पिछले साल 5 नवंबर तक पराली के 27,224 मामले सामने आए थे. इस साल दर्ज की गई पराली जलाने की संख्या 2017 के 37,298 मामलों से भी अधिक है.

पीएमओ ने मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर बैठक की, जिसमें कैबिनेट सचिव ने प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों का जायज़ा लिया. ये बात सामने आई कि पंजाब और हरियाणा में अब भी पराली जलाई जा रही है. इन राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि निगरानी के लिए ज़मीन पर और टीमें उतारी जाएं ताकि पराली जलाने वालों पर जुर्माना लगाया जा सके.

खास बातें

  • प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को भी आड़े हाथों लिया
  • पीठ ने कहा कि कोई भी किसान यह दावा नहीं कर सकते कि पराली जलाना उनका अधिकार है
  • सेटेलाइन चित्रों से साफ है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं सबसे अधिक है

पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं सबसे अधिक

fireपीठ ने कहा कि सेटेलाइन चित्रों से साफ है कि पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं सबसे अधिक है। तरणतारण, पटियाला, संगरूर सहित चार जिलों में ये घटनाएं सबसे अधिक हैं। 46 फीसदी पराली ये चार जिलों में जलाई जाती हैं। पीठ ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और यूपी में पराली जलाने तक तत्काल बंद होना चाहिए।पीठ ने पुलिस विभाग और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि उनके इलाके में पराली जलाने की एक भी घटना नहीं होनी चाहिए। ऐसी एक भी घटना होने पर मुख्य सचिव, पुलिस कमिश्नर सहित अन्य निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे।कोर्ट ने कहा कि राज्यों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है क्योंकि लोगों के जीवन जीने का अधिकार प्रभावित हो रहा है। पीठ ने कहा कि रिपोर्ट बताते हैं कि लोग को दिल्ली छोडने की सलाह दी जा रही है या दिल्ली वापस न आने के लिए कहा जा रहा है

पराली जलाने की रिकॉर्ड घटनाएं

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को पंजाब में खेतों में आग जलने की 6668 घटनाएं रिकॉर्ड की गई. ये इस सीजन में एक दिन में पराली जलाने का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसके के बाद एक बार दिल्ली में फिर से चिंता बढ़ गई है कि अगर पंजाब से हवा का रुख दिल्ली की ओर रहा तो राजधानी की हवा फिर से खराब हो सकती है. बता दें कि दिल्ली में पिछले दो दिनों में वायुमंडल में थोड़ा सा सुधार आया है.पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर द्वारा एकत्रित किए गए सैटेलाइट डाटा के मुताबिक संगरूर और बठिंडा सबसे अधिक प्रभावित जिले रहे. जहां एक दिन में पराली जलाए जाने की क्रमश: 1,007 और 945 की घटनाएं दर्ज की गईं. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में आ रही लगातार गिरावट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीन राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों को बुधवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है. इन राज्य सरकारों ने अपने यहां किसानों को पराली नहीं जलाने को कहा है, लेकिन किसान मजबूरी का हवाला देते हुए लगातार पराली जला रहे हैं.

  • पंजाब में पराली जलाने की घटना बदस्तूर जारी
  • मंगलवार को 6,668 स्थानों पर जलाई गई पराली
  • फिर जहर हो सकती है दिल्ली की हवा

2018 से 40 प्रतिशत ज्यादा जलाई गई पराली

fire 2आंकड़ों के मुताबिक 23 सितंबर से 5 नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने की 37 हजार 935 घटनाएं हुआ है. अगर इसकी तुलना पिछले साल के आंकड़ों से करें तो ये 2018 के मुताबले 40 प्रतिशत ज्यादा है. अगर जिलावार आंकड़ों को देखा जाए तो पराली जलाने के मामले में पंजाब का संगरुर जिला 4772 फॉर्म फायर की घटनाओं के साथ इस बार भी सबसे आगे रहा है. इसके बाद नंबर आता है फिरोजपुर का जहां 4020 पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई है, तीसरा नंबर है बठिंडा का, यहां पर 3535 पराली जलाने की घटनाएं हुई है. पंजाब के किसानों का कहना है कि मशीनों के जरिए पराली को नष्ट करना उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है. पंजाब के किसान पराली का जुगाड़ करने के लिए 200 रुपये प्रति क्विटंल की दर से धान की फसल पर बोनस मांग रहे हैं. पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि केंद्र को किसानों को आर्थिक मदद मुहैया करानी चाहिए ताकि वे पराली न जलाएं.

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