Pages Navigation Menu

Breaking News

अयोध्या विकास प्राधिकरण की बैठक में सर्वसम्मति से राम मंदिर का नक्शा पास

मानसून सत्र 14 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा, दोनों सदन अलग-अलग समय पर चलेंगे

  7 सितंबर से चरणबद्ध तरीके से मेट्रो सेवाएं होंगी शुरू, 12 सितंबर तक सभी मेट्रो लगेंगीं चलने 

शाहीन बाग प्रोटेस्ट: विरोध करनाअधिकार, रास्ता जाम करना नहीं ; SC

GTY_supreme_court_cases_jef_131003_16x9_992नई दिल्ली शाहीन बाग में करीब दो महीने से बंद सड़क खोलने में अभी और समय लगेगा। सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग मसले पर सुनवाई के दौरान केंद्र, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने को कहा है। अदालत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े, साधना रामचंद्रन और पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह को मध्यस्थ नियुक्त किया है। सोमवार को एक याचिका की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नियम के मुताबिक, प्रदर्शन करने की जगह जंतर-मंतर है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि यह मुद्दा जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा है। SC ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से हलफनामा देने को कहा है और अब इस मसले पर 24 फरवरी को अगली सुनवाई होगी।कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोगों को अपनी आवाज समाज तक पहुंचाने का अधिकार है। हम अधिकारों की रक्षा के विरोध के खिलाफ नहीं हैं। लोकतंत्र में अपनी आवाज जरूर पहुंचाएं। समस्या दिल्ली के ट्रैफिक को लेकर है। लेकिन आप दिल्ली को जानते हैं, यहां के ट्रैफिक को भी जानते हैं। हर कोई सड़क पर उतरने लगे तो क्या होगा? यह जनजीवन को ठप करने की समस्या से जुड़ा मुद्दा है।“लोगों को एक कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने का मौलिक अधिकार है लेकिन सड़कों को अवरुद्ध किया जाना चिंता की बात है और संतुलन का एक कारक होना जरूरी है। हमें चिंता इस बात की है कि यदि लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने लगेंगे तो क्या होगा। लोकतंत्र विचारों की अभिव्यक्ति से चलता है लेकिन इसके लिए भी सीमाएं हैं।”
सब सड़क बंद कर दें तो क्या होगा?
हमारी चिंता इस बात को लेकर अगर लोग सड़कों पर उतर आएं और प्रदर्शन से सड़क बंद कर दें तो क्या होगा? अधिकारों और कर्तव्य के बीच संतुलन जरूरी है। शीर्ष अदालत ने शाहीन बाग प्रदर्शन पर कहा कि वरिष्ठ वकील संजय हेगड़े प्रदर्शनकारियों से बात करें। संजय हेगड़े ने पूर्व जस्टिस कुरियन जोसेफ से भी चलने की अपील की।
2 महीने से बंद है शाहीन बाग का रास्ता
बता दें कि शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है। इसकी वजह से रोड 13ए बंद है। यह रोड दिल्ली और नोएडा को जोड़ती है। सड़क बंद होने की वजह से नोएडा और दिल्ली के बीच सफर करनेवालों को कई घंटे फालतू लग रहे हैं।

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने यह कहा था
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसी सार्वजनिक जगह पर अनंतकाल तक प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है। हालांकि, सड़क खाली करवाने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। बता दें कि यह सुनवाई उस याचिका पर चल रही थी जिसमें याचिकाकर्ता ने 2 महीने से बंद सार्वजनिक रास्ते को खोलने का आदेश देने को कहा था। याचिका में कहा गया था कि सार्वजनिक रास्तों को रोकने संबंधी गाइडलाइन जारी करें।
 सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की बड़ी बातें:-

1>> सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘लोकतंत्र लोगों की अभिव्यक्ति से ही चलता है, लेकिन इसकी एक सीमा है. अगर सभी सड़क बंद करने लगे तो परेशानी खड़ी हो जाएगी. आप दिल्ली को जानते हैं, लेकिन दिल्ली के ट्रैफिक को नहीं. ट्रैफिक नहीं बंद होना चाहिए.’

2>>कोर्ट ने कहा, ‘अगर हर कोई पब्लिक रोड को ब्लॉक करने लगे भले ही कारण कोई भी हो, तो क्या होगा? हमारी चिंता इस बात पर है कि प्रदर्शन सड़क पर किया जा रहा है. हमारा मानना है कि इस केस या दूसरे केस में सड़क को ब्लॉक नहीं किया जा सकता.’

3>> बेंच ने आगे कहा, ‘केवल शाहीन बाग मामले में ही नहीं, अगर किसी दूसरे केस में भी सड़क बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा, तो अफरा-तफरी ही मचेगी. इस तरह रोड ब्लॉक कर प्रोटेस्ट करने से दूसरे लोगों को भी इसका आइडिया आएगा.’

4>>सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पिछले 64 दिन से प्रदर्शन जारी है, लेकिन आप उन्हें हटा नहीं पाए. अब बातचीत से हल नहीं निकलता है तो हम अथॉरिटी को एक्शन के लिए खुली छूट देंगे.

5>>अदालत ने दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों को हटाने के ऑप्शन पर चर्चा करने और उनसे बात करने को कहा है.

6>>कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को एक उचित समाधान के लिए राजी करें. इस दौरान वकील तसनीम अहमदी ने कहा कि इस प्रदर्शन में किसी एक धर्म नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोग शामिल हैं.

7>>कोर्ट ने कहा कि अधिकारों और कर्तव्य के बीच संतुलन जरूरी है. हमें देखना है कि प्रदर्शनकारियों को क्या शाहीन बाग से कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है.

माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को शाहीन बाग से रामलीला मैदान या लाल किला मैदान में शिफ्ट किया जा सकता है.

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *