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मॉस सर्वे; अयोध्या के 99 फीसदी लोग राम मन्दिर के पक्ष में

नई दिल्ली। एक तरफ अयोध्या विवाद के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई शुरू हो गई है तो दूसरी तरफ अयोध्या के 99 फीसदी स्थानीय लोगों को मत है कि जन्मभूमि पर सिर्फ राम मन्दिर का निर्माण होना चाहिए और सरयु के पार मस्जिद का। स्थानीय लोगों का मत है कि यदि मन्दिर मजिस्द एक साथ बनेंगे तो भविष्य में भी विवाद बना रहेगा। इतने ही लोगों ने विवादित भूमि पर कोई स्मारक बनाने जैसी मांग को खारिज कर दिया।जब भी बात अयोध्या विवाद की होती है तो सबसे पहले सवाल यही उभर कर सामने आता है कि अयोध्या के लोग क्या चाहते हैं। मन्दिर, म​स्जिद या स्मारक या कुछ और।

मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस नामक सांस्था ने इसी सवाल का उत्तर तलाशने की कोशिश अयोध्यावासियों के बीच की और इसके लिए एक सर्वे क्या। सर्वे के तहत लोगों से लिखित फार्म भरवाकर कुछ सवालों पर उनकी राय जानने की कोशिश की। अयोध्या के मुद्दे ने देश को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर खासा प्रभावित किया है। अयोध्या के लोग क्या सोचते हैं और क्या चाहते हैं यह जानने के लिए मीडिया एसोसिएशन फॉर सोशल सर्विस ने 15 नवंबर 2017 से 20 नवंबर 2017 के बीच अयोध्या के स्थानीय लोगों के बीच सर्वे किया। अयोध्या विवाद के संबंध में पांच हजार लोगों का सैम्पल सर्वे लिया गया। सर्वे करने वाली इस टीम में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता,अधिवक्ता और शिक्षक शामिल थे। सर्वे करने वाली इस टीम का नेतृत्व अधिवक्ता श्याम मनोहर वर्मा ने किया।

श्याम मनोहर वर्मा के अनुसार सर्वे का जो परिणाम निकला उसके मुताबिक अयोध्या के 98 फीसदी लोग जहां रामलला की मूर्ति स्थापित है उसी स्थान को रामजन्मभूमि मानते हैं। दो फीसदी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। 97 फीसदी लोगों ने कहा कि जहां रामलाला विराजमान हैं वहीं राम मन्दिर का निर्माण चाहते हैं। जबकि दो फीसदी लोगों ने सर्वधर्म स्थल के निर्माण की बात की तो और एक फीसदी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।नब्बे फीसदी लोग इसे हिन्दुओं की धार्मिक आस्था का विषय मानते हैं जबकि छह फीसदी लोग इसे राजनीति मुदृा मानते हैं। चार फीसदी ने इस बारे में कोई भी राय नहीं दी। बातचीत इस मामले को सुलझाने के सवाल पर अयोध्या के लोग बंटे हुए नजर आए। 55 प्रतिशत लोग कोर्ट के जरिए इस विवाद का समाधान चाहते हैं जबकि 45 फीसदी लोग बातचीत से समाधान के पक्ष में हैं।

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