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पाकिस्तान में तालिबान!,मदरसे पर फहराया आतंकियों का झंडा

imran pakisthanइस्लामाबाद अफगानिस्तान में तालिबान को मिली सफलता का जश्न अब पाकिस्तान में खुलेआम मनाया जाने लगा है। यही कारण है कि राजधानी इस्लामाबाद सहित कई शहरों में कट्टरपंथियों की भीड़ तालिबान के झंडे लहरा रही है। इतना ही नहीं, पाकिस्तान के कई मौलाना तो खुले मंच से तालिबान को जीत की बधाई दे रहे हैं। इस्लामाबाद के जामिया हफ्सा मदरसे पर तालिबान का झंडा फहराता दिखा है।

लाल मस्जिद के पास फहराया तालिबानी झंडा
जामिया हफ्सा पहले महिलाओं का एक मदरसा हुआ करता था। बाद में कट्टरपंथियों ने इसे बंद कर दिया। यह मदरसा इस्लामाबाद की विवादित लाल मस्जिद के पास स्थित है। लाल मस्जिद का मौलाना अब्दुल अजीज कई बार पाकिस्तानी सरकार को खुली चुनौती दे चुका है। इसी मस्जिद पर सैन्य कार्रवाई करने के आरोप में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पाकिस्तान पर दिख रहा तालिबान का प्रभाव
पहले कहा जाता था कि पाकिस्तान का प्रभाव तालिबान पर है। अब तालिबान का प्रभाव पाकिस्तान पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। आतंकियों का समर्थन करने वाली पाकिस्तानी सरकार अनजाने मे अपने ही देश में कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रही है। यही कट्टरपंथी पाकिस्तान में तबाही भी मचा रहे हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान सरकार की आंख नहीं खुल रही। कुछ महीने पहले ही तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के समर्थकों ने पूरे देश में जमकर बवाल काटा था।

कट्टरपंथियों से डरती है इमरान सरकार!
नौबत यहां तक आ गई कि इस कट्टरपंथी समूह को प्रतिबंधित करने के बावजूद इमरान खान सरकार को इसके मुखिया को रिहा करना पड़ा था। इतना ही नहीं, खुद देश के आंतरिक मंत्री शेख रशीद ने कट्टरपंथियों के साथ बैठक कर उनकी मांगे मानी थी। यह वही संगठन है जिसने पाकिस्तान सरकार को फ्रांसीसी राजदूत के निष्कासन को लेकर अल्टीमेटम दिया था।

पाकिस्तान में बढ़ेगा चरमपंथ
तालिबानी राज का असर यह होगा कि आने वाले बरसों में पाकिस्तान में सुन्नी और वहाबी चरमपंथ में इजाफा होगा। लोग धार्मिक नेताओं के हाथ की कठपुतली बन जाएंगे। इतना ही नहीं, इससे पूरे पाकिस्तान पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा पाकिस्तान गृहयुद्ध की आग में जल सकता है।

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