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मेरे साथ 30 से अधिक विधायक; सचिन पायलट

gehlot-pilotजयपुर: राजस्थान की सियासत में सोमवार का दिन बहुत ही अहम होने जा रहा है. राज्य में जारी सियासी उठा-पटक के बीच, सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जयपुर स्थित आवास पर विधायकों की अहम बैठक बुलाई. राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच जारी सियासी तनातनी के बीच, यह बैठक बहुत ही अहम मानी जा रही है.इससे पहले रविवार रात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने राजस्थान के सियासी संकट को सुलझाने के लिए प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन को जयपुर भेजा है. तीनों नेता जयपुर पहुंच गए हैं और सीएम आवास में होने वाली विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे.वहीं, सचिन पायलट ने दावा किया कि,  30 से अधिक कांग्रेस और कुछ निर्दलीय विधायकों द्वारा उन्हें समर्थन देने के वादे के बाद, अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है.

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रूपेश कान्त व्यास ने कहा कि भाजपा हरसंभव प्रयास कर रही है कि राज्य सरकार को अस्थिर कर येन केन प्रकारेण सत्ता हासिल करें, लेकिन हमारे सभी विधायक पार्टी के प्रति समर्पित है और सरकार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूरे पांच साल कार्य करेगी. व्यास ने कांग्रेस नेताओं पर आयकर विभाग के छापों पर भी केन्द्र सरकार की आलोचना की है. व्यास ने कहा कि प्रदेश संगठन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूर्ण समर्थन व्यक्त करता है.आलाकमान की ओर से भेजे गए तीन दूतों ने प्रेस वार्ता कर सचिन पायलट को नाराजगी दूर कर वापस से कांग्रेस को मजबूत करने में साथ देने की बात कही. होटल मेरियट में रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय माकन और अविनाश पांडे ने प्रेस वार्ता कर कहा कि सचिन पायलट और जो विधायक आज बैठक में शामिल नहीं हुए हैं, वह नाराजगी बुलाकर आ सकते हैं. हालांकि अभी तक तीनों की सार्वजनिक रूप से की गई मांग का जवाब पायलट गुट ने नहीं दिया है. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पिछले 48 से 72 घंटों के बीच कई बार सचिन पायलट से आलाकमान के निर्देश पर बातचीत हुई है. उनकी नाराजगी बातचीत के जरिए सुलझाए जा सकती है, उन्हें कांग्रेस परिवार में वापस आना चाहिए.

गहलोत को झटका, बीटीपी ने विश्वासमत के दौरान विधायकों को सदन से गैर-हाजिर रहने को कहा

राजस्थान में उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बगावती तेवर के बाद सियासी संकट जारी है। इस बीच, राजस्थान सरकार में सहयोगी भारतीय ट्रायबल पार्टी (बीटीपी) ने अशोक गहलोत सरकार को झटका दिया है। बीटीपी ने अपने दो विधायकों को पत्र जारी करते हुए कहा कि सदन में विश्वासमत के दौरान वे गैर-हाजिर रहें। इन दोनों विधायकों ने इससे पहले राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार का समर्थन किया था।इससे पहले, अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने निवास पर विधायक दल की बैठक कर 107 विधायकों के शामिल होने की बात कही। जिसके बाद माना जा रहा है कि गहलोत सरकार पर फिलहाल कोई संकट नहीं है। इस बीच, बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कहा कि अगर अशोक गहलोत के पास बहुमत है तो उन्हें तुरंत फ्लोर टेस्ट कराकर अपना बहुमत साबित करना चाहिए। वे अपने विधायकों को रिजॉर्ट में ले जा रहे हैं, जिससे साफ होता है कि उनके पास संख्या नहीं है।सोमवार को राहुल गांधी के दफ्तर ने दावा किया कि सचिन पायलट हमेशा से ही राहुल गांधी के दिल में हैं। उन्होंने बताया, ‘सचिन और राहुल दोनों एक दूसरे से सीधे बात करते हैं और यह बातचीत अक्सर होती है। उनमें एक दूसरे के लिए बहुत सम्मान और स्नेह है।’

10 खास बातें-

1-मुख्यमंत्री गहलोत के निवास पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्ताव पारित कर बागी गुट पर कार्रवाई का ऐलान किया गया। कांग्रेस विधायक दल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थन में प्रस्ताव पारित करते हुए पार्टी को कमजोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

2-प्रस्ताव में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में जताया विश्वास। कांग्रेस विधायक दल ने पार्टी को कमजोर करने वाले कार्यों की निंदा की। प्रस्ताव में मांग की गई है कि इस तरह की कार्रवाई में शामिल पदाधिकारियों और विधायकों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

3-बिना कोई रिस्क लिए विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सहित विधायकों को बसों से होटल में शिफ्ट करा दिया, ताकि लालच के बाद सचिन पायलट कैंप में जाने से उन्हें दूर रखा जाए।

4- सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से बुलाई गई विधायक दल की बैठक और शक्ति प्रदर्शन में ना जाने की जिद पर अड़े थे। संकट को उबारने के लिए भेजे गए कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने अपील करते हुए कहा- हम से बात करें।

5-इसके साथ ही, कांग्रेस पार्टी ने सचिन पायलट से संपर्क कर उन्हें सोनिया गांधी का संदेश पहुंचाया है कि “कांग्रेस के दरवाजे खुले हुए हैं।”

6-दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने की रिपोर्ट्स के बीच सचिन पायलट ने इस बात से इनकार किया है कि वह भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन करने की योजना बना रहे हैं। ऐसी कयासबाजी है कि अपने राजनीतिक स्पेस के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर पायलट चल सकते हैं।

7-सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच ताजा विवाद के पीछे है राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की तफ से अपनी सरकार को अस्थिर करने के बारे में पूछताछ के लिए राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र।

8-हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी पूछताछ की जाएगी। लेकिन, हकीकत ये है कि स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप्स खुद गहलोत के अंदर हैं क्योंकि उन्हीं के पास गृह विभाग है। ऐसे में सचिन पायलट इसे अपने लिए अपमान के तौर पर देख रहे हैं। गहलोत को भेजे गए इसी तरह के समन को पालयट के अपमान के कवर करने के तौर पर देखा जा रहा है।

9-200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 सीट है और 10 निर्दलीय विधायकों को उसे समर्थन हासिल है। अन्य दलों के पांच विधायक भी गहलोत का समर्थन कर रहे हैं। बीजेपी के पास 73 विधायक है और उसे राजस्थान में सरकार बनाने के लिए 35 अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी।

10-राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने सोमवार को चार फोटो का एक कोलाज अपने ट्वीटर हैंडल से पोस्ट क्या है, जिसमें उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के संघर्ष को दिखाया गया है। ये फोटो कई प्रदर्शन को दौरान की हैं, जिनमें से एक में खून बहते हुए दिखाया गया है। इसका कोई कैप्शन नहीं है और इसमें सचिन पायलट के संघर्ष को दिखाने की कोशिश की गई है। विश्वेन्द्र सिंह को सचिन पायलट का करीबी समझा जाता है और सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर बुलाई गई विधायक दल की बैठक से वे दूर रहे थे।

 

 

 

 

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