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हिंदुत्व की विरासत कब्जाने में जुटे राज ठाकरे, बदला पार्टी का झंडा और नारा

amit-thakreशिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत के असल वारिस बनने की जंग तेज हो गई है.उद्धव ठाकरे अयोध्या राममंदिर जाकर संदेश देना चाहते हैं तो महाराष्ट्र नव निर्माण पार्टी (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे बाल ठाकरे की जयंती के दिन से अपनी विचारधारा को ‘मराठी मानुष’ से ‘हिंदुत्व’ की ओर ले जाने की तैयारी में है. हिंदुत्व अवतार के लिए एमएनएस का नारा और पार्टी का झंडा बदलेंगे.शिवसेना से नाता तोड़ने के बाद राज ठाकरे पहली बार बाला साहेब ठाकरे के जयंती पर पूरे दिन का कार्यक्रम कर रहे हैं. राज ठाकरे इस मौके पर अपनी पार्टी झंडा बदल रहे हैं. एमएनएस के पांच रंग के झंडे को अब भगवा रंग दिया गया है. भगवा ध्वज पर शिवाजी की मुहर है और उस पर संस्कृत में श्लोक लिखा गया है- ‘प्रतिपच्चन्द्रलेखेव वर्धिष्णुर्विश्ववन्दिता, शाहसूनो: शिवस्यैषा मुद्रा भद्राय राजते.’

बात दें कि शिवाजी से पहले, मराठों की मुहरें फारसी में हुआ करती थी. शिवाजी ने सांस्कृतिक प्रवृत्ति शुरू की, जिसका अनुपालन उनके वंशजों और अधिकारियों ने किया. अब इसी राह पर राज ठाकरे चलते हुए नजर आ रहे हैं.

 एनएनएस का झंडा हुआ भगवा

एमएनएस की ओर से महाअधिवेशन के लिए लगाए पोस्टर पूरी तरह से भगवा रंग में है, जिस पर नारा दिया गया ‘महाराष्ट्र धर्म के बारे में सोचो, हिंदू स्वराज्य का निर्धारण करो.’ पार्टी नेता संदीप देशपांडे ने कहा कि भगवा पर किसी का कॉपीराइट नहीं है और पूरा महाराष्ट्र भगवा है. हम भगवा हैं. इस फैसले से महाराष्ट्र में नई ऊर्जा आएगी और महाराष्ट्र की राजनीति में नए मोड़ और विकल्प खुलेंगे.शिवसेना के हिंदुत्व की विचारधारा के सवाल पर देशपांडे ने कहा, ‘बोलना और करना दो अलग-अलग बातें हैं. बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद गणेश उत्सव हो या फिर दही हांडी कार्यक्रम इन सब में राज ठाकरे हमेशा आगे रहे है. बता दें कि राज ठाकरे ने हमेशा अपने आप को बाला साहेब के बाद उत्तराधिकारी के रूप में रखने की कोशिश की है. इसीलिए बाला साहब ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया तब राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ एमएनएस बना लिया था.

बाल ठाकरे के उत्तराधिकारी राज ठाकरे बनेंगे?

बाला साहेब ठाकरे के निधन के बाद से राज ठाकरे अपने आपको महाराष्ट्र में बाल साहब के असल उत्तराधिकारी के तौर पर रखते रहे हैं. बाल ठाकरे के चाहे व्यक्तित्व की बात हो, भाषण देने की कला या फिर विचारों का खुलापन इन सारी चीजों को राज ठाकरे ने अपना रखा है. वह बाल ठाकरे की स्टाइल में भाषण देते हैं, वही नारे लगाते हैं और जन समूह को उसी तरह आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं.

MNS क्या बीजेपी के साथ करेंगी दोस्ती

बता दें कि एमएनएस के प्रमुख राज ठाकरे ने पिछले दिनों महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी. इसके बाद ये कयास लगाए जा रहे हैं कि एमएनएस और बीजेपी हाथ मिला सकते हैं. राज ठाकरे शिवसेना के कांग्रेस के साथ जाने के बाद खाली हुई जगह को भरने की कोशिश कर रही है. बीजेपी के साथ एमएनएस गठबंधन के सवाल पर देशपांडे ने कहा कि यह अच्छा है कि वे स्वागत कर रहे हैं. राज ठाकरे आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी बीजेपी के साथ जाने की कोई चर्चा नहीं है.

उद्धव ठाकरे हिंदुत्व को छोड़ने को तैयार नहीं

राज ठाकरे के हिंदुत्व की दिशा में बढ़ते कदम को देखकर माना जा रहा कि उद्धव ठाकरे अयोध्या की यात्रा करने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में अयोध्या जाएंगे और भगवान राम का आशीर्वाद लेंगे. उद्धव ठाकरे के अयोध्या जाने के बारे में संजय राउत ने एक ट्वीट में बताया, सरकार अपना काम कर रही है और भगवान राम की कृपा से पूरे 5 साल चलेगी.

पिता से किया वादा उद्धव ने किया पूरा

बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर शिवसेना ने गुरुवार की शाम को कार्यक्रम रखा है. उद्धव ठाकरे के बाला साहेब ठाकरे के वादे को पूरा करने का समारोह होगा. उद्धव ठाकरे एक समय बाला साहेब ठाकरे से महाराष्ट्र में एक दिन शिवसेना का सीएम होगा. हालांकि इस वादे को पूरा करने के लिए उद्धव ठाकरे को बीजेपी से नाता तोड़कर कांग्रेस-एनसीपी से हाथ मिलाना पड़ा है.

ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी सियासत में 

महाराष्ट्र की राजनीति में करीब 6 दशकों से हावी ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी सियासत में उतर चुकी है। पहली पीढ़ी यानि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने खुद को सत्ता की सियासत से दूर रखा था। लेकिन, उनके बेटे और पोते ने एक ही बार में सत्ता के गलियारे में कदम बढ़ा दिया है। बाल ठाकरे के बेटे उद्धव ठाकरे आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं और उनके पोते आदित्य ठाकरे अपने पिता की कैबिनेट में सबसे कम उम्र के मंत्री बनकर अहम रोल निभा रहे हैं। लेकिन, गुरुवार को शिवसेना के संस्थापक के परिवार के एक और सदस्य ने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। ये हैं उनके भतीजे राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे। यानि रिश्ते में आदित्य और अमित दोनों उनके पोते हुए। आइए राजनीति में उतरे ठाकरे परिवार की तीसरी पीढ़ी के इन दोनों चचेरे भाइयों से जुड़े उन हर अनजान बातों पर गौर फरमाएं, जिनपर अभी तक कोई खास चर्चा नहीं हुई है।सियासत में आदित्य ठाकरे अपने छोटे भाई अमित ठाकरे से भले ही एक दशक ज्यादा अनुभवी हों, लेकिन दोनों की उम्र में महज दो साल का फासला है। आदित्य ठाकरे की उम्र 29 साल है तो उनके छोटे भाई ने अभी महज 27 बसंत ही देखे हैं। अमित ठाकरे की सियासत में औपचारिक एंट्री गुरुवार को ही हुई है, जब उनके पिता राज ठाकरे की पार्टी मनसे की एक तरह से रीलॉन्चिंग की गई है। जबकि, आदित्य ठाकरे को उनके दादा बाल ठाकरे करीब एक दशक पहले ही राजनीति में लेकर आए थे और उन्हें शिवसेना ने पार्टी के यूथ विंग का कमान सौंपा था। आदित्य ठाकरे, ठाकरे परिवार से चुनावी राजनीति में उतरने वाले पहले व्यक्ति हैं, क्योंकि उनके पिता उद्धव ठाकरे या चाचा राज ठाकरे ने भी अभी तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है। भले ही आने वाले दिनों में उद्धव को चुनाव लड़ना अनिवार्य होगा। आदित्य ठाकरे आज अपने पिता की सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। जबकि, अमित ठाकरे के बारे में ये चर्चा है कि उनके पिता उन्हें एमएनएस की यूथ विंग की जिम्मेदारी सौंपेंगे।उद्धव ठाकरे और रश्मि ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे की राजनीति में एक दशक की सक्रियता का असर ये हुआ है कि उनकी सोशल मीडिया प्रोफाइल आज काफी दमदार हो चुकी है। मसलन, इंस्टाग्राम पर उनके 2 लाख 35 हजार फॉलोअर हैं तो फेसबुक पर 2 लाख 11 हजार और ट्विटर पर 20 लाख फॉलोअर हैं। उन्के सारे अकाउंट अधिकृत हैं। जबकि, राज ठाकरे और शर्मिला ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के इंस्टाग्राम पर 65,300 और फेसबुक पर 12,663 फॉलोअर हैं। हालांकि ये सोशल मीडिया अकाउंट अधिकृत नहीं हुए हैं।

किस भाई के पास है कितनी संपत्ति? 2019 के आंकड़ों के मुताबिक आदित्य ठाकरे के पास कुल 16.05 करोड़ रुपये की संपत्ति है। तब उन्होंने 10.36 करोड़ रुपये बैंक में जमा कर रखे थे और उनके पास 13,344 रुपये की रकम कैश के रूप में थी। इसके अलावा उनके पास 64.65 लाख रुपये की ज्वेलरी भी थी। वे 77.66 लाख रुपये कीमत वाली 5 जमीनों के भी मालिक हैं और उनके नाम कॉमर्शियल इमारतों में 2 दुकानें भी हैं, जिनकी कीमत 3.89 करोड़ रुपये बताई गई है। लेकिन, इस मामले में अमित ठाकरे अपने बड़े भाई आदित्य ठाकरे से कहीं आगे हैं। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक वे करीब 25 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं।आदित्य ठाकरे के माता-पिता को अभी तक उनके लिए जीवनसाथी की तलाश है। लेकिन, अमित ठाकरे की पिछले साल 27 जनवरी को ही शादी हो चुकी है। उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड मिताली बोरुडे को ही अपना जीवनसाथी बनाया है। तब अमित की शादी में देश की कई बड़ी हस्तियां शरीक हुई थीं। अमित की पत्नी मिताली पेशे से फैशन डिजाइनर हैं।आदित्य ठाकरे की स्कूली शिक्षा मुंबई के बॉम्बे के स्कॉटिश स्कूल से हुई है। इसके बाद उन्होंने मुंबई के ही संत जेवियर कॉलेज से बैचलर डिग्री हासिल की है, जबकि लॉ की डिग्री उन्होंने मुंबई के ही केसी लॉ कॉलेज से प्राप्त की है। वहीं अमित ठाकरे ने स्कूली शिक्षा मुंबई में पूरी की और कॉमर्स की पढ़ाई भी यहीं के रुपारेल कॉलेज से की। आगे की शिक्षा उन्होंने कनाडा के न्यू वेस्टमिनिस्टर के डगलस कॉलेज से की है।

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