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तृणमूल कांग्रेस में लौटते ही खत्म हुआ मुकुल रॉय का डर

Mukul-Roy-central-security-withdrawकोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में वापसी करने वाले मुकुल रॉय को अब किसी तरह का खतरा नहीं रहा? जेड कैटिगरी की सिक्यॉरिटी प्राप्त मुकुल रॉय ने केंद्रीय बलों की सुरक्षा छोड़ने का फैसला किया है और इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय को लेटर लिखा है। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्रालय से कहा है कि उनकी सुरक्षा वापस ले ली जाए। हालांकि, गृहमंत्रालय की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। तृणमूल कांग्रेस में वापसी के 24 घंटे के भीतर ही मुकुल रॉय ने यह फैसला लिया है। भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहते हुए मुकुल रॉय को पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की Y+ सिक्यॉरिटी दी गई थी, जबकि चुनाव में राजनीतिक हिंसा की संभावना और खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। इसी साल मार्च में उन्हें Z कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी।  Z कैटिगरी की सुरक्षा के तहत 24 से 30 हथियारबंद कर्मी तैनात होते हैं, जो अलग-अलग पाली में काम करते हैं। रॉय नवंबर 2017 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि बीजेपी में शुवेंदु अधिकारी का कद बढ़ने से वह नाराज थे और इसलिए टीएमसी में लौटने का फैसला किया।

मुकुल रॉय के बाद क्या भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव बनर्जी भी तृणमूल कांग्रेस में लौटने जा रहे हैं? राजीब ने शनिवार को टीएमसी के राज्य सचिव कुणाल घोष के कोलकाता स्थित घर जाकर मुलाकात की और इसके बाद सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, कुणाल घोष ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया तो राजीब बनर्जी ने कहा कि वह अभी बीजेपी में ही हैं और टीएमसी में जाने को लेकर उनकी कोई बात नहीं है। हालांकि,  ममता सरकार के पूर्व वन मंत्री पहले भी कई संकेत दे चुके हैं कि वह जल्द ही पुरानी पार्टी में लौट सकते हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले टीएमसी छोड़कर भगवा दल में आए राजीब बनर्जी दोमजुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे।एक दिन पहले ही बीजेपी में शामिल होने वाले मुकुल रॉय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में जो स्थिति है उसमें बीजेपी में कोई नेता नहीं रहेगा। 2017 में टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय को पार्टी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की पदवी दी थी, लेकिन पश्चिम बंगाल में शुवेंदु अधिकारी का कद बढ़ने से वह नाराज हो गए थे। घर वापसी पर मुकुल का स्वागत करते हुए टीएमसी मुखिया ममता बनर्जी से जब यह पूछा गया था कि क्या और नेता बीजेपी से टीएमसी में वापस आएंगे तो उन्होंने कहा था कि आने वाले समय में इसकी जानकारी दी जाएगी।हालांकि करीब 1 घंटे के बाद जब राजीव मीटिंग खत्म करके टीएमसी नेता के आवास से बाहर आए तो उन्होंने ‘घर वापसी’ की खबरों को नकारा दिया. उन्होंने कहा, ‘यह शिष्टाचार मीटिंग थी, राजनीति से इसका कोई संबंध नहीं है. मेरे रिश्तेदार की तबीयत ठीक नहीं है, वह कुणाल घोष के घर के बगल में रहता है. जब मैं उनसे मुलाकात करके वापस लौट रहा था तो मैंने कुणाल दा के पास जाने का सोचा. बस इतना ही.’बताते चलें कि राजीव बनर्जी पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले टीएमसी से नाता तोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे. लेकिन बीजेपी ये चुनाव हार गई. तभी से कुछ नेताओं की टीएमसी में वापसी की खबरें आने लगी थीं. इन खबरों को बल उस वक्त मिला जब हाल ही में बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) की बुलाई बैठक में पार्टी के सांसद शांतनु ठाकुर, सांसद राजीव बनर्जी समेत अन्य तीन विधायक नहीं पहुंचे.पश्चिम बंगाल में मंगलवार को हुई पार्टी की बैठक में मुकुल रॉय और राजीव बनर्जी ने हिस्सा नहीं लिया था। इसके बाद से ही उनके पाला बदलने की अटकलें तेज हो गईं। इसके अलावा उन्होंने ट्विटर का सहारा लेते हुए यह भी कहा था कि चुनाव बाद भड़की हिंसा की वजह से बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाना यह जनादेश का अपमान होगा।

सब्यसाची दत्ता बोले- बीजेपी में ही रहूंगा
उधर, टीएमसी में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए सब्यसाची दत्ता ने कहा है कि वह बीजेपी में ही रहेंगे। उन्होंने शनिवार को कहा, ”यह कयासबाजी है। ना तो टीएमसी के किसी नेता ने कहा है कि मैं उनकी पार्टी जॉइन कर रहा हूं ना ही मैंने कहा है कि मैं टीएमसी में जा रहा हूं। मैं बीजेपी के साथ हूं और इस तरह का कोई प्लान नहीं है।”

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