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दिनेश त्रिवेदी ने राज्‍यसभा से दिया इस्‍तीफा

dinesh trivadiनई दिल्‍ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है. टीएमसी (TMC) के राज्‍यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने शुक्रवार को सदन में बजट पर चर्चा के दौरान इस्‍तीफा दे दिया. त्रिवेदी पार्टी के संस्‍थापक सदस्‍य रहे हैं, वह पिछले काफी समय से पार्टी की कार्यशैली से नाराज चल रहे हैं. वह यूपीए सरकार में रेल मंत्री, स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. पार्टी से उनकी नाराजगी और इस्‍तीफे के बीच की कहानी काफी लंबी है.बता दें कि मनमोहन सिंह के नेतृत्‍व वाली यूपीए सरकार में निदेश त्रिवेदी काफी अहम पद संभाल चुके हैं. उन्‍होंने 2012 में बतौर रेल मंत्री रेल बजट पेश किया था. इस बजट में रेल किराया तो बढ़ाया गया था, लेकिन आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर विशेष ध्‍यान दिया था. उस वक्‍त इस बजट को ‘सुधारवादी’ करार दिया गया. लेकिन शायद ममता बनर्जी को यह रास नहीं आया. बजट पेश करने के बाद त्रिवेदी को ममता बनर्जी और पार्टी के कुछ अन्‍य वरिष्‍ठ नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा.

इस बजट पर ममता बनर्जी ने खुलकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था, ‘रेल बजट बनाते समय दिनेश त्रिवेदी ने उनसे राय नहीं ली, अगर उन्‍होंने ऐसा किया होता तो वह कभी किराया बढ़ाने नहीं देतीं.’ ममता के इस बयान के बाद त्रिवेदी को काफी अपमानित होना पड़ा और मजबूरन उन्‍हें रेल मंत्री के पद से इस्‍तीफा देना पड़ा. उसके बाद टीएमसी के ही मुकुल राय को रेल मंत्री बना दिया गया. उस समय इस्‍तीफा देने के बाद त्रिवेदी ने कहा था कि अगर वह इस्‍तीफा नहीं देते तो सरकार गिर जाती. उन्‍होंने ममता बनर्जी की नाराजगी पर कहा था कि बजट से पहले ही उन्‍हें हटाने की रणनीति बन गई थी. पार्टी के नेता जानते थे कि बजट के बाद उनका इस्‍तीफा ले लिया जाएगा. पार्टी चीफ ने बजट आते ही किराया बढ़ाने के बहाने उन्‍हें हटा दिया.

पहले भी जता चुके हैं ममता बनर्जी से अलग राय
हालांकि यह ऐसा पहला मौका नहीं था जब ममता बनर्जी और दिनेश त्रिवेदी के बीच वैचारिक मतभेद सामने आए हों. शायद आपको याद हो, वर्ष 2012 में ममता का कार्टून बनाने का मामला सुर्खियों में आया था. उस समय कार्टून बनाने वाले प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया था. प्रोफेसर की गिरफ्तारी पर दिनेश त्रिवेदी ने कहा था कि कार्टून से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. कार्टून तो लोकतंत्र का अभिन्‍न अंग है.

JDU ने प्रशांत किशोर पर चलाया ‘तीर’

स घटना को लेकर जदयू ने टीएमसी  की जीत के लिए रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोरपर तंज कसा है साथ ही ममता दीदी को भी निशाने पर ले लिया.जेडीयू नेता (JDU leader) सह प्रवक्ता अजय आलोक ने ट्वीट कर कहा कि दीदी जलजले के पहले मछलियां किनारे पे आ जाती हैं. दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे के बाद समझ आया की जलजला कहां आने वाला है? अपने मास्टर रणनीतिकार से पूछिए की वो क्या अपना अकाउंट सेटल कर के भागेगा ? बहुत पैसा लेता है वैसे.चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर इस बार बंगाल में भाजपा से टक्‍कर लेने के लिए मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में उन्होंने एक ट्वीट कर दावा किया था कि बंगाल में अगर भाजपा दो अंकों से ज्यादा सीट लाते हैं तो वो अपनी जगह छोड़ देंगे. कभी जदयू नेता रहे प्रशांत किशोर के इस दावे के बाद से सियासत गरमा गयी थी.उस वक्त भी अजय आलोक ने कहा था कि प्रशांत किशोर संन्यास की तैयारी कर के रख लीजिए. अब आपकी कहानी खत्म होने को है. वैसे भी आपके पास उपाय क्या बचेगा भाई, अब देखिए भाजपा ने निकाल दिया, जदयू ने निकाल दिया, कांग्रेस ने निकाल दिया, डीएमके ने भी निकाल दिया, तो ममता दीदी हार के बाद आरती उतार कर माला तो नहीं ही जपेंगी, निकलेंगी ही. इसलिए बेहतर है कि पहले से ही संन्यास की घोषणा करके रखिये. वैसे भी बुद्धिमान आदमी भविष्य की बात जल्दी समझ लेता है. आपकी तो कहानी खत्म है.

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