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भगवा कुर्ता, माथे पर तिलक….उद्धव ठाकरे ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

thakrey cmनई दिल्ली. गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शपथ के साथ ही उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान होने वाले ठाकरे खानदान के पहले सदस्य हो गए. शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे. समारोह में कई राज्यों के सीएम भी पहुंचे. इसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी शिरकत की.शिवाजी महाराज को नमन करते हुए मराठी भाषा में उद्धव ने शपथ ली और वे ठाकरे परिवार से पहले मुख्यमंत्री हैं. उद्धव के बाद कैबिनेट के अन्य मंत्रियों को शपथ दिलाई जा रही है. उद्धव ठाकरे के बाद शिवसेना के एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई को मंत्रीपद की शपथ दिलाई गई. इसके बाद एनसीपी कोटे से विधायक दल के नेता जयंत पाटिल और छगन भुजबल को शपथ दिलाई गई.महाराष्ट्र में शिवसेना की नींव रखने वाले बाल ठाकरे के बेटे उद्धव का जन्म 27 जुलाई 1960 को बॉम्बे में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा बालमोहन विद्या मंदिर से हुई. इसके बाद उन्होंने सर जेजे इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड आर्ट से उच्च शिक्षा हासिल की.

thakrey cm twoभगवा कुर्ता, माथे पर तिलक….शपथग्रहण कुछ ऐसे नजर आए उद्धव ठाकरे

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथग्रहण ली. इस दौरान उद्धव ठाकरे बेहद खास अंदाज में नजर आए. वो भगवा रंग का कुर्ता पहने थे और माथे पर तिलक लगाए हुए थे. जब वो शपथग्रहण करने मंच पर पहुंचे, तो सबसे पहले जनता का अभिवादक किया. उन्होंने मंच पर माथा टेका और फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.उद्धव ठाकरे ने शपथग्रहण करने के दौरान जिस भगवा रंग का कुर्ता पहन रखा था, शिवसेना के झंडे का रंग भी वही है. भगवा को लेकर शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का भी अंदाज कुछ ऐसा ही होता था. ठाकरे परिवार से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने वाले उद्धव ठाकरे पहले शख्स हैं.इससे पहले ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य मुख्यमंत्री नहीं बना. हालांकि महाराष्ट्र में दो बार शिवसेना के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. शिवसेना से पहली बार मनोहर जोशी मुख्यमंत्री बने थे, जबकि नारायण राणे दूसरी मुख्यमंत्री बने थे. इससे पहले शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी समेत गठबंधन के नेता चुने जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने सबसे पहले बाला साहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि दी thakrey koshyiariथी.शिवसेना और ठाकरे  परिवार ने उद्धव ठाकरे के शपथग्रहण समारोह की धूमधाम से तैयारी की थी. उद्धव ठाकरे ने जैसे ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वैसे ही शिवसेना पटाखे फोड़ने लगी और जश्न मनाने लगी. इस शपथग्रहण समारोह में उद्धव ठाकरे के परिवार के साथ ही उनके सियासी विरोधी माने जाने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के नेता राज ठाकरे भी पहुंचे. उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे ने शिवसेना से अलग एमएनएस पार्टी बनाई थी.इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी, एनसीपी नेता अजित पवार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस नेता अहमद पटेल, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, एनसीपी चीफ शरद पवार, अनिल अंबानी और उनका परिवार ने भी उद्धव ठाकरे के शपथग्रहण समारोह में हिस्सा लिया.

उद्धव ठाकरे का सियासी करियर

शिवसेना की नींव 1966 में उद्धव के पिता बाला साहेब ठाकरे ने रखी थी. जब तक बाला साहेब ठाकरे राजनीति में thakrey lead pixसक्रिय रहे तब तक उद्धव राजनीतिक परिदृश्य से लगभग दूर ही रहे या फिर उनके पीछे ही खड़े दिखे. हालांकि उद्धव पार्टी की कमान संभालने से पहले शिवसेना के अखबार सामना का काम देखते थे और उसके संपादक भी रहे. हालांकि बाद में बाल ठाकरे की बढ़ती उम्र और खराब सेहत के कारण उन्होंने 2000 के बाद पार्टी के कामकाज को देखना शुरू कर दिया था.

2003 में मिली बड़ी जिम्मेदारी

साल 2002 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (बीएमसी) के चुनावों में शिवसेना को जोरदार सफलता मिली और इसका श्रेय उद्धव ठाकरे को दिया गया. इसके बाद बाल ठाकरे ने अपनी राजनीतिक विरासत उद्धव को सौंपी.  shiv sena cmजनवरी 2003 में उद्धव को शिवसेना का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया. कम बोलने वाले उद्धव ठाकरे को जब बाल ठाकरे ने शिवसेना के उत्तराधिकारी के रूप में चुना तो कई लोगों को आश्चर्य हुआ था, क्योंकि पार्टी के बाहर कई लोग उनका नाम तक नहीं जानते थे और राज ठाकरे संभावित उत्तराधिकारी के रूप में जाने जाते थे. पर बाल ठाकरे के अपने बेटे उद्धव को उत्तराधिकारी चुने से आहत राज ठाकरे ने 2006 में पार्टी छोड़ दी और नई पार्टी- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया.

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