Pages Navigation Menu

Breaking News

यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

हरियाणा: 10 साल पुराने डीजल, पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध नहीं

सच बात—देश की बात

कैबिनेट से मिली पीएम वाई-फाई योजना को मंजूरी

Prime Minister Narendra Modi busy working on his mobile phone. (Photo: IANS)नई दिल्ली।  पब्लिक टेलीफोन बूथ की तरह पब्लिक वाई-फाई बूथ की शुरुआत हो जाएगी। इस काम के लिए पीएम वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी) नामक ईको सिस्टम तैयार किया जाएगा। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने पीएम-वानी को अपनी मंजूरी दे दी है।

ग्रामीण इलाकों में लोगों को होगी बड़ी सहूलियत

सरकार के इस फैसले से 4जी नेटवर्क से वंचित इलाकों के उपभोक्ता भी हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा ले सकेंगे। वहीं, ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों के लोगों को इंटरनेट के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सामान की खरीद-फरोख्त जैसी सुविधाएं मिल जाएंगी।

पान की दुकानों में लग सकेंगे वाई-फाई बूथ

सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि डिजिटल सशक्तीकरण के तहत यह फैसला लिया गया है। जल्द ही इस पीएम-वानी को देशभर में शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने उदाहरणस्वरूप कहा कि पहले के पब्लिक टेलीफोन बूथ की तरह लोग पान की दुकान पर जाकर वाई-फाई की सुविधा ले सकेंगे।

पीएम-वानी ईको सिस्टम से पब्लिक डाटा ऑफिस (पीडीओ), पब्लिक डाटा ऑफिस एग्रीगेटर (पीडीओए), एप प्रोवाइडर और सेंट्रल रजिस्ट्री जुड़े होंगे। पीडीओ पेड पब्लिक वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट स्थापित कर सकेंगे। पीडीओए पीडीओ के संचालन व उनका लेखाजोखा रखेंगे।

सेंट्रल रजिस्ट्री रखेगी निगाह

एप प्रोवाइडर उस एप को डेवलप करेंगे जिसकी मदद से यूजर्स पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर पाएंगे। सेंट्रल रजिस्ट्री इन सब पर निगरानी रखेगी जो सी-डॉट का हिस्सा होगी।

दूरसंचार विभाग में करना होगा आवेदन

पीडीओ, पीडीओए व एप प्रोवाइडर्स को ऑनलाइन माध्यम से दूरसंचार विभाग से पंजीयन के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा। प्रसाद ने बताया कि सात दिन के भीतर पंजीयन की मंजूरी नहीं मिलने पर उन्हें पंजीकृत मान लिया जाएगा।

यूजर्स को देना होगा शुल्‍क

पंजीकृत पीडीओ छोटी-छोटी दुकानों पर अपने प्वाइंट बनाएंगे जहां आम लोग जाकर अपनी जरूरत के हिसाब से वाई-फाई का इस्तेमाल कर सकेंगे। यूजर्स को इस्तेमाल के बदले शुल्क का भुगतान करना होगा।

दो से 20 रुपये के पैक में मिलेगी सुविधा

हालांकि सरकार की तरफ से अभी शुल्क को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वाई-फाई की सुविधा 2-20 रुपये के पैक में हो सकती है। इस प्रकार की सुविधा शुरू होने से वाई-फाई एक्सेस व उसके रखरखाव के काम में छोटी-छोटी कंपनियां आगे आएंगी।

ट्राई ने दिया था मसौदा

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने तीन साल पहले पेड पब्लिक वाई-फाई बूथ का प्रस्ताव मसौदा टेलीकॉम विभाग के समक्ष रखा था। ट्राई का कहना था कि देश में एक करोड़ वाई-फाई हॉट स्पाट लगाने की दिशा में यह कदम कारगर होगा और इससे उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।

बढ़ेगी कारोबारी सुगमता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा‍ कि ऐतिहासिक पीएम-वानी योजना तकनीक की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और भारत के हर कोने में वाई-फाई की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार करेगी। इससे कारोबारी सुगमता और जीवन की सुगमता बढ़ेगी।

लक्षद्वीप के 11 द्वीपों को ब्राडबैंड से जोड़ने को मंजूरी

कैबिनेट कमेटी ने लक्षद्वीप के 11 द्वीपों को सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) के जरिये ब्राडबैंड से जोड़ने को मंजूरी दे दी। इस परियोजना के अमल की अनुमानित लागत 1,072 करोड़ रुपये बताई गई है। सभी द्वीपों पर ब्राडबैंड इंटरनेट की सुविधा होने से वहां पर्यटन का और विकास होगा और नए रोजगार निकलेंगे। सबमरीन कनेक्टिविटी परियोजना नागरिकों को उनके घर पर ही ई-सुशासन सेवाओं की डिलीवरी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताई PM-WANI योजना की खासियत, ऐसे बढ़ेगी छोटे दुकानदारों की आमदनी

देशभर में ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंच के विस्तार के लिए सरकार ने पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ) के जरिए सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क की स्थापना को मंजूरी दे दी है। कोई छोटी दुकान या साझा सेवा केंद्र (सीएससी) भी पीडीओ पीडीओ हो सकते हैं। इसके तहत स्थानीय किराना दुकानों तथा गली-मोहल्ले की दुकानों पर भी सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क या ‘एक्सेस पॉइंट’ लगाए जा सकेंगे। पीडीओ के लिए न तो लाइसेंस और न ही पंजीकरण की जरूरत होगी। साथ ही इनपर किसी तरह का शुल्क भी नहीं लगेगा। सार्वजनिक वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम वाणी) से देश में एक बड़ी वाई-फाई क्रांति आने की उम्मीद सरकार को है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क की रूपरेखा को मंजूरी दे दी। इसमें कई ‘खिलाड़ी’ मसलन..पब्लिक डेटा ऑफिस (पीडीओ), पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर्स और ऐप प्रदाता शामिल रहेंगे। संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘पीडीओ के लिए कोई लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी, न ही इनके पंजीकरण की जरूरत होगी। इन पर कोई शुल्क लागू नहीं होगा। पीडीओ छोटी दुकानें या साझा सेवा केंद्र (सीएससी) भी हो सकते हैं।’’ पीडीओ वाई-फाई एक्सेस पॉइंट को स्थापित करेंगे और उसका रखरखाव और परिचालन करेंगे।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »