Pages Navigation Menu

Breaking News

दत्तात्रेय होसबोले बने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह

 

पैर पसार रहा कोरोना, कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का निधन

ram vilasपटना केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया है। वे 74 साल के थे। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थे और दिल्ली के एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में भर्ती थे। उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। पिता रामविलास पासवान के निधन के बाद चिराग ने ट्वीट किया- पापा….अब आप इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन मुझे पता है आप जहां भी हैं हमेशा मेरे साथ हैं। मिस यू पापा।रामविलास पासवान ने आखिरी बार 19 सितंबर को ट्वीट किया था। रामविलास पासवान ने आखिरी ट्वीट विदेश मंत्री एस जयशंकर की माताजी के निधन पर दुख प्रकट करते हुए कहा था। केंद्रीय मंत्री पासवान ने ट्वीट किया था- “विदेश मंत्री श्री एस जयशंकर जी की माताजी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और जयशंकर जी व समस्त परिवार जनों को शोक की इस घड़ी में दुःख सहन करने का संबल प्रदान करें। ॥ॐ शांति॥”

कुछ दिन पहले ही हुई थी हार्ट सर्जरी
केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान पिछले करीब एक महीने से दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थे। एम्स में 2 अक्टूबर की रात को उनकी हार्ट सर्जरी की गई थी। यह पासवान की दूसरी हार्ट सर्जरी थी। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चिराग पासवान को फोन कर केंद्रीय मंत्री के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी।

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर प्रकट किया दुख
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने दुख प्रकट किया। मांझी ने ट्वीट कर कहा- “देश ने अपना नेता खोया है पर मैंने अपना बड़ा भाई खो दिया, मेरे लिए यह पीड़ा असहनीय है, उनकी कमी मेरे जीवन में हमेशा खलेगी।”बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। अपनी संवेदना प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि उनके निधन से राजनीतिक जगत में अपूर्णीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में मुश्किल है। उनका जाना देश के लिए गहरा धक्का है। उनसे मेरा गहरा लगाव था और मेरे अभिभावक तुल्य थे। पांच दशक से भी अधिक समय तक संसदीय राजनीति में उनके संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को चिर शांति एवं दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार को सहन शक्ति प्रदान करें।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »