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सबसे अधिक दिल्ली से वापस आना चाहते हैं लोग

laborलॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे यूपी के प्रवासी श्रमिकों का आना लगातार जारी है। यूपी सरकार सभी राज्यों से लगातार संपर्क में है। श्रमिक स्पेशल ट्रेन की सहायता से रोजाना लगभग 42 हजार लोग यूपी पहुंच रहे हैं। वापस लौटने के लिए प्रदेश सरकार के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रजिस्ट्रेशन के मुताबिक शनिवार तक देश के 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों से 6.37 लाख मजदूरों के आवेदन अभी भी लंबित हैं। मजदूरों के परिवार के सदस्यों को मिलाकर इन आवेदनों के साथ अब तक 870828 लोगों ने वापस लाए जाने का अनुरोध किया है।

रोज आ रही है लगभग 35 ट्रेन : 

रेलवे की मदद से मजदूरों को लेकर प्रदेश में औसतन 35 ट्रेनें आ रही हैं। एक ट्रेन में आमतौर पर 1200 लोग होते हैं, जो निर्धारित रेलवे स्टेशन पर उतारे जाते हैं। फिर उन्हें बसों से उनके गृह जिलों में भेजा जाता है। इस तरह मोटे तौर पर एक दिन में 42 हजार लोग ट्रेनों से यूपी पहुंच रहे हैं। कभी-कभी पड़ोसी राज्यों से आने वाली बसों को भी मिलाकर वापस आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या 50-55 हजार तक पहुंच जाती है। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों के बदौलत यह अनुमान लगाया जा सकता है कि 20-25 दिनों में सभी मजदूर वापस अपने घर लौट सकते हैं। प्रदेश सरकार के अनुसार विभिन्न माध्यमों से अब तक 8 लाख प्रवासी मजदूर यूपी वापस लौट चुके हैं। पिछले तीन दिनों में 80 ट्रेनों से करीब 1.25 लाख मजदूर यूपी पहुंच चुके हैं। राजस्थान व हरियाणा से बसों से भी मजदूर वापस लाए जा रहे हैं। हाल ही में 9 हजार मजदूरों को राजस्थान से लाया गया, जबकि 30 हजार मजूदरों को रोडवेज की बसों से लाया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव गृह  अवनीश कुमार अवस्थी का कहना है कि अब तक 114 ट्रेन के जरिए लगभग 120000 से अधिक लोगों की वापसी कराई गई। यूपी में रोजाना 40 ट्रेन लाने की व्यवस्था की गई है। लखनऊ, गोरखपुर में 11 -11 व प्रयागराज में 8 ट्रेन समेत प्रदेश के 38 स्टेशनों पर ट्रेनें पहुंच रही हैं। में पहुंची हैं। अगले दो दिनों में 98 और ट्रेन चलाई जाएंगी।

 शनिवार तक हुए रजिस्ट्रेशन के आधार पर प्रमुख राज्यों से आने के इच्छुक लोगों की संख्या 
राज्य  मजदूरों की संख्या 
दिल्ली 235140
महाराष्ट्र 216159
गुजरात 171557
हरियाणा 62318
पंजाब 29506
कर्नाटक 20781
तमिलनाडू 17200
राजस्थान 13379

 

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