Pages Navigation Menu

Breaking News

सोशल मीडिया के लिए गाइडलाइंस जारी,कंटेंट हटाने को मिलेंगे 24 घंटे

 

सोनार बांग्ला के लिए नड्डा का प्लान,जनता से पूछेंगे सोनार बांग्ला बनाने का रास्ता

किसानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करें, उन्हें गुमराह न करें; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

अमेरिकी चुनावों में भारतीय समुदाय का प्रभाव

us electionअमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और जो बिडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी की तैयारी पूरे जोर—शोर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के करीब आते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के वोट किस तरफ जाएंगे और ये किस तरह राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करेंगे। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी कुर्सी बचाने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन से मुकाबला करते नजर आएंगे। वहीं, जो बिडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनकर भारतीय समुदाय के बीच इस चुनावों की जिज्ञासा को और बढ़ा दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिकी राजनीतिक में भारतीय समुदाय कितना अहम है? किस ढंग से वह चुनावों पर असर डाल सकते हैं?

राष्ट्रपति चुनावों में अब 100 से कम दिन रह गए हैं, इसलिए राष्ट्रपति पद के दोनों ही उम्मीदवार भारतीय मूल के लोगों को रिझाने में लग चुके हैं। ट्रंप और बिडेन को इस छोटे लेकिन प्रभावी समुदाय का पता है। इसलिए दोनों ही नेता इन्हें अपने पाले में करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। इस बात का सबूत डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन द्वारा भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना है। बिडेन को पता है कि हाल ही में, भारतीय मूल के लोगों का वोट रिपब्लिकन की तरफ खिसक रहा है, इसलिए उन्हें ऐसा होने से रोकना होगा।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता भारतीय समुदाय में बढ़ रही है। ट्रंप भी इस बात को बखूबी जानते हैं, इसलिए पिछले साल सितंबर में आयोजित ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम को ट्रंप ने भुनाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस कार्यक्रम में कहना, ‘अबकी बार ट्रंप सरकार’ इस बात का सबूत है। वहीं, इस साल फरवरी में ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति का आना और लोगों को संबोधित करना, अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय को संदेश है कि रिपब्लिकन पार्टी उनके साथ खड़ी है। हालांकि, हाल ही में एच-1बी वीजा को लेकर भारतीय अमेरिकी नागरिकों का एक समूह ट्रंप से खासा निराश है।

भारतीय समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समुदाय
अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी नागरिकों की तादाद 44 लाख के करीब है, जिनमें से 25 लाख के करीब वोट देने के लिए योग्य हैं। एशियाई मूल के लोगों में भारतीय समुदाय तीसरा सबसे बड़ा वोट बैंक है। हालांकि, भारतीय मूल के लोगों की अमेरिका की आबादी में हिस्सेदारी केवल 2 फीसदी ही है, लेकिन अमेरिकी राजनीति में उनका खासा प्रभाव है। भारतीय अमेरिकी वोटरों को मूल रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी के वोटर्स के रूप में देखा जाता है। लेकिन अब इस ट्रेंड में बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं, जहां ज्यादा से ज्यादा भारतीय अमेरिकी नागिरकों का झुकाव रिपब्लिकन पार्टी की तरफ बढ़ रहा है। नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में 40 लाख की आबादी वाले भारतीय समुदाय में 25 लाख संभावित वोटर्स हैं। अरिजोना, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशीगन, नॉर्थ कैरोलिना, पेन्सिलवेनिया, टेक्सस और विस्किंसन में ही अकेले 13 लाख वोटर्स हैं। डेमोक्रेटिक नेशनल समिति के चेयरमैन टॉम पैरेज ने कहा, भारतीय-अमेरिकी नागरिकों का वोट खासा प्रभावी होगा और ये चुनावों में अंतर लाएगा। उन्होंने कहा, इस समुदाय का वोट उन राज्यों में खासा मायने रखेगा, जहां दोनों ही पार्टियों को मामूली अंतर से जीत मिली थी। मिशीगन, विस्किंसन और पेन्सिलवेनिया जैसे राज्यों में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 2016 के चुनावों में ट्रंप को इन राज्यों में मामूली अंतर से जीत मिली, जिसकी बदौलत उन्हें डेमोक्रेट्स की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन पर जीत हासिल हुई।

एशियन अमेरिकन एंड पैसिफिक आइलैंडर (एएपीआई) विक्ट्री फंड के विश्लेषण से पता चलता है कि मिशीगन में 1,25,000 , पेन्सिलवेनिया में 1,56,000 और विस्किंसन में 37,000 भारतीय मूल के वोटर्स हैं। ये इतने प्रभावी हैं कि नेतृत्व में बदलाव की क्षमता रखते हैं। पेरेज ने कहा कि भारतीय अमेरिका नागरिकों का वोट फ्लोरिडा (1,93,000 वोटर्स), जॉर्जिया (1,50,000), नॉर्थ कैरोलिना (1,11,000), टेक्सस (4,75,000) और एरिजोना (66,000) में भी खासा प्रभाव डाल सकता है। इन आंकड़ों के चलते ही हाल के दिनों में ट्रंप और बिडेन दोनों ही का भारत प्रेम देखा जा रहा है। दोनों ही नेता जानते हैं कि, भारतीय समुदाय का वोट हासिल करके राष्ट्रपति की कुर्सी पर पकड़ मजबूत की जा सकती है।

 

 

 

 

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *