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तीरथ सिंह रावत के बाद कौन ? इन 4 नेताओं के नाम आगे

tirath singhदेहरादून उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे पर चला आ रहा सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। रावत ने शुक्रवार रात 11 बजे राजभवन जाकर गवर्नर बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उम्मीद की जा रही थी कि वह रात 9.30 बजे बुलाई गई अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस पर कुछ बोलेंगे, मगर वहां उन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी और अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाकर चले गए।

इस्तीफा देकर बोले तीरथ, संवैधानिक संकट के चलते दिया इस्तीफा

इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैंने संवैधानिक संकट की वजह से राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का आभार व्यक्त करता हूं।’

रुंधे हुए गले से पीएम मोदी और गृह मंत्री का किया धन्यवाद
राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए रुंधे हुए गले से उन्होंने कहा कि कोविड पॉजिटिव होने के कारण समय नहीं था..मुझे यहां तक जो मैं आज पहुंचा हूं..मैं पुन: आज फिर से माननीय प्रधानमंत्री जी का और गृह मंत्री जी का आभार व्यक्त करना चाहता हूं..इतना कहने के बाद तीरथ सिंह रावत उठकर चल दिए, उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। तीरथ सिंह रावत का बेहद छोटा संबोधन रहा।

मौका देने के लिए पार्टी का जताया आभार
इससे पहले तीरथ सिंह रावत ने संवैधानिक कारणों से इस्तीफ देने की बात कही। उन्होने कहा कि कोरोना की वजह से चुनाव नहीं हुए। तीरथ सिंह रावत ने उन्हें मौका देने के लिए पार्टी का आभार जताया। उन्होंने अपने संबोधन में पीएम और गृह मंत्री को धन्यवाद दिया।

संवैधानिक संकट के चलते दिया इस्तीफा
इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैंने संवैधानिक संकट की वजह से राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का आभार व्यक्त करता हूं।’

uttrakhandबीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बोले, विधायकों में से ही होगा कोई सीएम

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि कोविड के चलते परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया था कि ऐसी महामारी में वह उपचुनाव नहीं कराएगा। इससे राज्य में संवैधानिक संकट हो सकता था। इसलिए मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को बीजेपी के विधायक दल की बैठक होगी और विधायकों में से ही किसी को मुख्यमंत्री चुना जाएगा।

धन सिंह रावत को संघ का आर्शीवाद
मुख्यमंत्री पद की रेस में राज्य सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। रावत श्रीनगर विधानसभा से विधायक हैं। धन सिंह आरएसएस कैडर से आते हैं और उत्‍तराखंड बीजेपी में संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। सात अक्‍टूबर 1971 को जन्में धन सिंह रावत पौड़ी गढ़वाल के मूल न‍िवासी हैं। उन्होंने डबल एमए और राजनीति व‍िज्ञान में पीएचडी की है।

बंशीधर भगत भी दावेदारों में शामिल
उत्‍तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत भी सीएम पद के दावेदारों में शामिल हैं। कालाढूंगी विधानसभा सीट से विधायक भगत उत्‍तर प्रदेश और उत्‍तराखंड में बनी विभिन्‍न सरकारों में मंत्री रहे हैं। 2002 के विधानसभा चुनाव में वह हल्‍दानी सीट से कांग्रेस की डॉ इंदिरा हृदयेश से चुनाव हार चुके हैं।

कोरोना महामारी में रो पड़े थे हरक सिंह रावत
करीब डेढ़ महीने पहले कोरोना महामारी से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते समय कैमरे के सामने रो देने वाले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का नाम भी मुख्‍यमंत्री पद के दावेदारों में बताया जा रहा है। हरक सिंह रावत के पास इस समय आयुष और आयुष शिक्षा समेत कई महत्‍वपूर्ण विभाग हैं।

उत्‍तराखंड के गठन में सतपाल महाराज का बड़ा रोल
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज भी सीएम पद के दावेदार बताए जा रहे हैं। सतपाल महाराज ने उत्तराखंड के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, आई के गुजराल और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु पर उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने के लिए दबाव डाला था। 21 मार्च 2014 को वह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे।

जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शनिवार को पर्यवेक्षक के तौर पर देहरादून जाएंगे। शनिवार शाम विधायक दल की बैठक होगी। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक की अध्यक्षता में दोपहर 3 बजे यह बैठक आयोजित की जाएगी। उत्‍तराखंड बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने यह जानकारी दी है। सभी विधायकों को देहरादून में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

फरवरी-मार्च में होने हैं चुनाव, 7-8 महीने का होगा नए CM का कार्यकाल
तीरथ के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। शनिवार को देहरादून में बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। जहां बीजेपी विधायकों में से ही किसी एक को मुख्यमंत्री चुना जाएगा। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का कार्यकाल महज 7-8 महीने का रहेगा।

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