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भारत-चीन के बीच कई मुद्दों पर बनी सहमति, होगा बड़ा फायदा

modi china leadचेन्नई.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग  के बीच हुई शिखर वार्ता में बिजनेस और इन्वेस्टमेंट  से जुड़े मुद्दों पर नया मैकेनिज्म सेट करने पर सहमति बन गई है. दोनों नेताओं ने तमिलनाडु के कोवलम स्थित ताज फिशरमैन कोव रिजॉर्ट में वन-टू-वन मीटिंग की. इसके बाद मोदी और जिनपिंग के बीच प्रतिनिधि स्तर पर चर्चा हुई. इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल भी मौजूद रहे. चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पीएम मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए शुक्रवार को करीब 24 घंटे के भारत दौरे पर आए. इसकी शुरुआत तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित मामल्लापुरम में हुई. दोनों की इस प्रकार की पहली वार्ता पिछले साल वुहान में हुई थी. इसके बाद  चीनी राष्ट्रपति नेपाल के लिए रवाना हो गए.

व्यापार घाटा कम करने के लिए उठाए जाएंगे ठोस कदम- विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया है कि राष्ट्रपति शी ने कहा कि चीन व्यापार घाटा कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की खातिर तैयार है.उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापार और निवेश संबंधी मुद्दों के लिए एक नयी प्रणाली स्थापित की जाएगी. चीन के राष्ट्रपति ने रक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत के बारे में बात की.गोखले ने कहा, ‘जिनपिंग ने भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद कहा। दोनों देशों के बीच व्यापार पर चर्चा हुई। जिनपिंग ने अपने दौरे को यादगार बताया। भारत-चीन के बीच आगे भी अनौपचारिक बातचीत होती रहेगी। अगले साल दोस्ती के 70 साल होंगे। इस मौके पर 70 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिनपिंग ने प्रधानमंत्री को चीन आने का न्योता दिया जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है। चीन भारत के साथ कारोबारी रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने को गंभीर है।’

गोखले ने कहा, ‘अगली अनौपचारिक बैठक चीन में होगी। जिसकी तारीखों का एलान बाद में किया जाएगा। भारत-चीन के बीच व्यापार, निवेश और सेवाओं पर चर्चा के लिए एक नए तंत्र की स्थापना की जाएगी। चीन का प्रतिनिधित्व जहां वाइस प्रीमियर हु चुन्हुआ करेंगे तो भारत का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री निर्मला सीतारम करेंगी। अब जनता के बीच संबंधों पर ध्यान दिया जाएगा। यह तय किया गया कि दोनों देशों की जनता को इस रिश्ते में लाया जाएगा। इसे लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।’विदेश सचिव ने कहा, ‘कैलाश मानवसरोवर यात्रियों को चीन सुविधा देगा। भारत ने चीन को दवा और आईटी क्षेत्र में निवेश का न्योता दिया है। बातचीत के दौरान कश्मीर मुद्दे का जिक्र नहीं हुआ। हालांकि हमारी स्थिति साफ है कि यह भारत का आंतरिक मामला है। हालांकि दोनों देशों ने आतंकवाद और कट्टरपंथ पर चर्चा की और इससे निपटने के उपायों पर बातचीत हुई। दोनों ऐसे देशों के नेता हैं जो न केवल क्षेत्रों और जनसंख्या के लिहाज से बड़े हैं, बल्कि विविधता के मामले में भी बड़े हैं।’

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के बीच चीनी नागरिकों के लिए वीजा नियमों में महत्वपूर्ण छूट देने की घोषणा की। इसके मुताबिक अब चीनी नागरिकों को पांच साल की अवधि के लिए वीजा दिया जाएगा।दोनों नेताओं के बीच उठाए जाने वाले मुद्दों में से यह एक ऐसा मुद्दा था जिसे चीन की तरफ से लगातार उठाया जा रहा था। भारत की इस घोषणा के मुताबिक अब चीनी नागरिकों को मल्टीपल-एंट्री पांच साल के लिए वीजा की सुविधा दी गई है। इसके घोषणा के बाद से चीनी यात्री अब भारत में लंबी अवधि तक रुक सकते हैं। पांच साल में मल्टीपल एंट्री ई- टूरिस्ट वीजा की कीमत लगभग 5600 रुपये (80 डॉलर) होगी।
भारतीय दूतावास की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि भारत सरकार ने चीनी नागरिकों के लिए वीजा शुल्क और अवधि के अपने ई-वीजा नियमों को उदार किया है। वर्तमान समय में, ई-वीजा को छोटी अवधि के लिए दिया जाता है। वर्तमान नियमों के मुताबिक, भारत में आगमन के समय से ई-वीजा की वैधता 60 दिनों की होती है। इससे पहले दोनों राष्ट्रप्रमुखों के बीच महाबलीपुरम में मुलाकात हुई और दोनों में महाबलीपुरम के सौंदर्य का लुत्फ उठाया। दोनों नेताओं ने रात के समय दक्षिण भारतीय भोजन का लुत्फ उठाया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तंजावुर की पेंटिंग और एक नचियारकोइल दीप तोहफे में दिया। पेंटिंग में देवी सरस्वती वीणा बजाते दिख रही हैं। छह फीट ऊंचे और 108 किलोग्राम वजन वाले नचियारकोइल दीप पर सोने की परत चढ़ी है। इसे आठ से ज्यादा कलाकारों ने 12 दिनों में तैयार किया है।

तमिलनाडु के जिस पारंपरिक परिधान ‘वेष्टि’ को पहना पीएम मोदी ने

modi dress tamilnaduतमिलनाडु के महाबलिपुरम में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ अलग ही अंदाज में नजर आए। दरअसल, अपने फैशन और भारत की विविधता भरी संस्कृति को परिधान के जरिये प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत करने वाले पीएम मोदी दक्षिण भारतीय पुरुषों के पारंपरिक परिधान ‘वेष्टि’ में नजर आए। वेष्टि को मुंडु भी कहा जाता है।इस परिधान में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ वेष्टि में पीएम मोदी का अंदाज अलग ही दिखाई दे रहा था। आधी आस्तीन का शर्ट और कंधे पर अंगवस्त्र के साथ नीचे लपेटी हुई धोती दक्षिण भारत का पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला पारंपरिक परिधान है। दक्षिण भारत से आने वाले कई दिग्गज नेता वेष्टि में नजर आए हैं। पूर्व गृहमंत्री पी. चिदम्बरम तो अक्सर वेष्टि में ही रहते हैं। इस परिधान में विशेष चार से छह फुट की धोती है, जिसे कमर में लपेटा जाता है। भारत के कई राज्यों में इस धोती को अलग-अलग नामों से जाना जाता है और पहना भी अलग तरह से ही जाता है। इसे हिंदी, उड़िया में मुंडु कहा जाता है, तो वहीं मराठी में धोतर, तेलुगु में पंच और  तमिल भाषा में वेष्टि कहा जाता है, जबकि कन्नड़ में पन्छे या लुंगी कहा जाता है। इस पारंपरिक परिधान में ऊपर शर्ट पहना जाता है और कंधे पर गमछा रहता है, जिसके किनारे रंगीन होते हैं।खास बात यह है कि मुंडू केरल में पुरुष के लिए एक परिधान है, जबकि महिलाओं के लिए मुंड कहा जाता है। इसे लुंगी का राज्य संस्करण भी कहा जा सकता है।

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