Pages Navigation Menu

Breaking News

31 दिसंबर तक बढ़ी ITR फाइलिंग की डेडलाइन

 

कोविड-19 वैक्सीन की एक खुराक मौत को रोकने में 96.6 फीसदी तक कारगर

अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए ना हो; पीएम नरेंद्र मोदी

सच बात—देश की बात

क्या वुहान लैब से फैला कोरोना वायरस ? खोज में खुफिया एजेंसियां-अमेरिका

CHINA-BEIJING-XI JINPING-CORONAVIRUS CONTROL-INSPECTION (CN)वॉशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी खुफिया एजेंसियों से दुनिया भर में बर्बादी लाने वाली घातक कोविड-19 वैश्विक महामारी की उत्पत्ति का पता लगाने के प्रयासों को और अधिक तेज करने को कहा है। बाइडन ने एक बयान में कहा, ‘अब मैंने खुफिया समुदाय से सूचना एकत्र करने और उनका विश्लेषण करने के प्रयास तेज करने को कहा है जो हमें निर्णायक निष्कर्ष के और करीब लेकर जाएं …. और उनसे 90 दिनों के भीतर मुझे वापस रिपोर्ट देने को कहा है।’ राष्ट्रपति ने कहा कि रिपोर्ट के तहत उन्होंने जरूरी तथा जांच के क्षेत्रों को तलाशने को कहा है जिनमें चीन के लिए विशेष प्रश्न होंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने यह भी कहा है कि इस प्रयास में हमारी राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं और सरकार की अन्य एजेंसियों के काम भी शामिल होने चाहिए जो खुफिया समुदाय के प्रयासों को बढ़ाएं। और मैंने खुफिया समुदाय से उसके कार्य से कांग्रेस को पूरी तरह अवगत रखने को कहा है।’

चीन पर दबाव बनाता रहेगा अमेरिका: बाइडन
बाइडन ने कहा कि अमेरिका दुनिया भर में समान विचार रखने वाले साझेदारों के साथ काम करना जारी रख चीन पर पूर्ण, पारदर्शी एवं साक्ष्य आधारित अंतरराष्ट्रीय जांच में शामिल होने तथा सभी संबंधित जानकारियां एवं साक्ष्यों तक पहुंच उपलब्ध कराने का दबाव बनाता रहेगा। इससे पहले 2020 में जब कोरोना वायरस उभरकर आया था, तब बाइडन ने रोग नियंत्रण केंद्र (सीडीसी) को चीन तक पहुंच देने को कहा था ताकि वायरस के बारे में जाना जा सके तथा अमेरिका इससे और प्रभावी ढंग से लड़ सके।राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमारे निरीक्षकों को उन शुरुआती महीनों में ग्राउंड पर न जाने देना कोविड-19 की उत्पत्ति में किसी भी जांच को हमेशा नुकसान पहुंचाएगा।’ बाइडन ने कहा, ‘बावजूद इसके, मार्च में मेरे राष्ट्रपति बनते ही मैंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को खुफिया समुदाय को कोविड-19 की उत्पत्ति के सबसे अद्यतन विश्लेषण पर एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा था जिसमें संक्रमित पशु से, मानव संपर्क से या प्रयोगशाला में दुर्घटनावश हुई उत्पत्ति को लेकर जांच भी शामिल है।’

अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अज्ञात अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के हवाले से किया है। माना जा रहा है कि इससे विश्व स्वास्थ्य संगठन को कोविड-19 वायरस के उत्पत्ति के बारे में काफी सहायता मिल सकती है। आज ही डब्लूएचओ की एक बैठक होने वाली है, जिसमें वायरस की उत्पत्ति को लेकर चर्चा की जाएगी। इस रिपोर्ट को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दिनों में स्टेट डिपार्टमेंट फैक्ट शीट में जारी किया गया था।

सबूत को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय
चीन के वुहान लैब में बीमार पड़े तीन शोधकर्ताओं के बीमार होने की इस खुफिया जानकारी को लेकर डब्लूएचओ से जुड़े अधिकारियों ने अलग-अलग राय रखी है। कुछ विशेषज्ञों ने इसे कोविड की उत्पत्ति से जुड़ी अहम कड़ी करार दिया है तो कुछ ने कहा है कि इस सूचना को अंतरराष्ट्रीय भागीदार के जरिए प्राप्त किया गया है, इसलिए अभी भी हमें आगे की जांच और अतिरिक्त पुष्टि की आवश्यकता है। हालांकि, कई अमेरिकी अधिकारियों ने इसे काफी मजबूत सबूत बताया है।

दुनिया नवंबर 2019 में मानती है कोविड का जन्म
दुनिया के कई शीर्ष महामारी विज्ञानियों और वायरोलॉजिस्टों का मानना है कि कोविड-19 महामारी का कारण SARS-CoV-2 का जन्म नवंबर 2019 में चीन के वुहान शहर से हुआ। जबकि, चीन का कहना है कि इस वायरस का पहला पुष्ट मामला 8 दिसंबर 2019 को आया था, जब एक व्यक्ति के अंदर यह वायरस पाया गया। चीन के उपर शक इसलिए भी जताया जाता है कि उसने आजतक वुहान इंस्टीट्यूट में चमगादड़ों में पाए जाने वाले कोरोना वायरस को लेकर किए जा रहे अपने व्यापक कार्य का डेटा, सुरक्षा लॉग और लैब रिकॉर्ड साझा नहीं किए हैं।

चीन करता रहा है वायरस की उत्पत्ति से इनकार
चीन ने बार-बार इस बात से इनकार किया है कि वायरस उसकी एक लैब से निकला है। चीन के विदेश मंत्रालय ने डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व वाली टीम के फरवरी में वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की यात्रा के बाद दावा किया था कि इस प्रयोगशाला से किसी भी वायरस के रिसाव की संभावना बहुत कम थी। हालांकि, अब भी दुनियाभर के अधिकतक देशों का मानना है कि इसी लैब से कोविड-19 के वायरस का रिसाव हुआ था।

Share

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »