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अरुण जेटली ने इकॉनमी का कबाड़ा किया: यशवंत सिन्हा

yaswan sinhaआर्थिक मोर्चे पर घिरी मोदी सरकार भले ही विपक्ष पर हमलावर है और कड़े कदमों को न्यू इंडिया की ओर बढ़ता कदम बता रही हो लेकिन इस बार आर्थिक नीतियों की आलोचना बाहर से नहीं बल्कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अटल सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा की ओर से हुआ है.यशवंत सिन्हा ने एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखकर देश के आर्थिक हालात को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है. यशवंत ने मुख्यतः इन मुद्दों पर मोदी सरकार के फैसलों को घेरा है.बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने अर्थव्यवस्था को लेकर वित्त मंत्री अरुण जेटली पर सवाल उठाए तो विपक्ष को भी हमले का नया हथियार मिल गया। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तक ने सिन्हा का हवाला देते हुए सरकार पर जोरदार प्रहार किया। हालांकि, सरकार और बीजेपी की ओर से अभी इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

गौरतलब है कि वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर जोरदार निशाना साधा है। एक अंग्रेजी अखबार में लिखे लेख में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था का ‘कबाड़ा’ कर दिया है। उन्होंने नोटबंदी को सुस्त अर्थव्यवस्था की आग में घी डालने वाला बताया। साथ जीएसटी में भी खामियां बताईं। एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने रोहिंग्या के मुद्दे पर सरकार और पार्टी लाइन से बाहर जाकर किरकिरी कराई थी।

1. खराब आर्थिक हालत

अपने एक लेख में उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक हालात काफी खराब है. सरकार आर्थिक स्तर पर कई क्षेत्रों में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.

2. नोटबंदी, GST खराब फैसले

यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी के फैसले पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया, उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया. जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है.

3. GDP ग्रोथ रेट चिंताजनक

जीडीपी अभी 5.7 है, सभी को याद रखना चाहिए कि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने के तरीके को बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखें तो आज के समय में 3.7 जीडीपी होती.

4. जेटली के पास सुधार का मौका था

अरुण जेटली पर तीखा हमला किया और कहा कि वित्तमंत्री नाकाम रहे हैं. उनके पास मौका था लेकिन स्थिति सुधार नहीं पाए. उन्होंने कहा कि अरुण जेटली चुनाव हार गए थे फिर भी उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया.

5.प्रधानमंत्री देश के आर्थिक हालात को लेकर चिंतित

उन्होंने लिखा कि देश की अर्थव्यवस्था को सुधारना अब सबसे बड़ी चुनौती है. प्रधानमंत्री देश के आर्थिक हालात को लेकर चिंतित है इसलिए उन्होंने एक बार फिर से अपनी आर्थिक सलाहकार काउन्सिल को सुधारना होगा. जिस तरह महाभारत को जीतने के लिए पांडवों ने किया था. 

6. सुपरमैन जेटली ने नहीं संभला मंत्रालय

 यशवंत सिन्हा ने लिखा कि मैंने वित्त मंत्रालय संभाला है मुझे पता है ये आसान काम नहीं है. यह एक 24 घंटे का काम है जिसे जेटली जैसे सुपरमैन भी पूरा नहीं कर सकते हैं.

7. निवेश पर पड़ रहा है असर

यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज के समय में ना ही नौकरी मिल रही है और ना विकास तेज हो रहा है. इनवेस्टमेंट घट रही है और जीडीपी भी घट रही है.

8. लोगों को गरीबी दिखाएंगे वित्त मंत्री

यशवंत सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीबी से देखा है. ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम कर रहे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी पास से दिखाएं.

9. डर के मारे नहीं बोल रहे लोग

उन्होंने कहा कि ये मेरी नेशनल ड्यूटी है कि मैं अब इसके बारे में बोलूं. बीजेपी में कई लोग ऐसे हैं जो कि डर की वजह से कुछ नहीं बोल पा रहे हैं.

10. लकी रहे हैं जेटली

यशवंत सिन्हा ने लिखा कि अरुण जेटली सबसे लकी वित्त मंत्रियों में से एक रहे हैं. लेकिन उसके बावजूद भी वह देश की अर्थव्यवस्था में कोई सुधार नहीं कर पाए हैं.

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