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क्लर्क से सीएम पद तक पहुंचे येदियुरप्पा

CMBSYनई दिल्ली: कर्नाटक के बीजेपी नेता और येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनको बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है. वो तीसरी बार कर्नाटक के सीएम बने हैं. दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी को स्थापित करने और पहली बार बीजेपी की सरकार गठित करने का श्रेय 75 वर्षीय नेता येदियुरप्पा को है.येदियुरप्पा का पूरा नाम बूकानाकेरे सिद्धलिंगप्पा येदियुरप्पा है. येदियुरप्पा का जन्म 27 फरवरी 1943 को कर्नाटक के मांड्या जिले के बुक्कनकेरे में हुआ था. कर्नाटक के तुमकुर जिले में येदियुर स्थान पर संत सिद्धलिंगेश्वर द्वारा बनाए गए शैव मंदिर के नाम पर उनका नामकरण किया गया. लिंगायत समुदाय के येदियुरप्पा जब चार साल के थे तभी उनकी मां पुट्टतायम्मा का निधन हो गया था. पिता सिद्धलिंगप्पा ने ही उनका पालन-पोषण किया. कर्नाटक मे लिंगायत समुदाय के वे प्रभावशाली नेता हैं.येदियुरप्पा आर्ट में स्नातक हैं. 1965 में वे समाज कल्याण विभाग में क्लर्क बने. बाद में वे शिकारीपुर चले गए जहां उन्होंने वीरभद्र शास्त्री चावल मिल में क्लर्क की नौकरी की. सन 1967 में वीरभद्र शास्त्री की बेटी मैत्रादेवी से उनकी शादी हुई. बाद में उन्होंने शिमोगा में हार्डवेयर की दुकान खोल ली येदियुरप्पा के दो पुत्र बीवाई राघवेंद्र और विजयेंद्र एवं तीन पुत्रियां अरुणा देवी, पद्मावती और उमादेवी हैं. सन 2004 में उनकी पत्नी का कुएं में गिरने से देहांत हो गया. उनकी मौत रहस्यमय बनी रही है.येदियुरप्पा कर्नाटक में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने और उन्होंने तीन साल दो माह शासन किया. उनके नेतृत्व में ही बीजेपी ने साल 2008 के विधानसभा चुनाव में जोरदार जीत हासिल की थी. उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत सन 1972 में हुई थी जब उन्हें शिकारीपुरा तालुका जनसंघ का अध्यक्ष चुना गया था. साल 1977 में उन्हें जनता पार्टी का सचिव बनाया गया. सन 1983 में वे पहली बार विधायक चुने गए. इसे बाद वे लगातार छह बार शिकारीपुर से विधायक चुने जाते रहे. इसके अलावा दो बार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं.सन 1988 में येदियुरप्पा को पहली बार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. सन 1994 के विधानसभा चुनाव में येदियुरप्पा हार गए और उन्हें विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाया गया. इसके बाद 1999 में भी वे चुनाव हारे. इस पर बीजेपी ने उन्हें एमएलसी बनाया. येदियुरप्पा नवम्बर 2007 में भी जनता दल (एस) के साथ गठबंधन सरकार गिरने से पहले कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री रहे थे.

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